सुपौल में भाजपा का शंखनाद: 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' अभियान शुरू
सुपौल में भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' अभियान का आगाज किया। नेताओं ने कांग्रेस पर लोकतंत्र को अस्थिर करने का आरोप लगाया।

बिहार के सुपौल जिले में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़े अभियान की शुरुआत की है। भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई, जिसमें जिले के तमाम दिग्गज भाजपा नेता शामिल हुए।
कांग्रेस पर साधा तीखा हमला
अभियान के आगाज के साथ ही भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पार्टी पर हमलावर रुख अपना लिया। नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार ऋषिदेव ने कहा कि कांग्रेस देश की जनता द्वारा चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
"लोकतंत्र में जनता का जनादेश ही सर्वोपरि होता है। सभी राजनीतिक दलों को संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस इसे नजरअंदाज कर रही है।"
ऋषिदेव ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस अभियान को जिले के हर कोने तक पहुंचाएं और लोगों को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जागरूक करें।
आपातकाल की याद और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा
कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री सुमन ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाते हुए देश में लगे आपातकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द हुई थी, तब लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार करते हुए आपातकाल लागू किया गया था।
सुमन ने चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:
- मतदाता सूची में सुधार: उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया का पुरजोर समर्थन किया।
- अमर्यादित भाषा: उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कथित अमर्यादित भाषा पर भी सवाल उठाए।
- जनजागरण: अभियान के माध्यम से लोगों को उनके नागरिक अधिकारों और संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।
भाजपा नेताओं का कहना है कि यह अभियान केवल एक राजनीतिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह देश की संवैधानिक व्यवस्था और नागरिक अधिकारों को बचाने की एक मुहिम है। आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इस अभियान के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।