जेएनयू मामला: पटना की सड़कों पर भाजपा महिला मोर्चा, कांग्रेस पर हमला

Ghazala Saheb10 October 20262 min read0 viewsBihar
जेएनयू मामला: पटना की सड़कों पर भाजपा महिला मोर्चा, कांग्रेस पर हमला

पटना में शनिवार को जेएनयू (JNU) के कथित यौन उत्पीड़न मामले ने तूल पकड़ लिया है। बिहार भाजपा महिला मोर्चा ने इस मुद्दे पर पटना की सड़कों पर उतरकर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और विधायक निशा सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध मार्च निकाला।

यह विरोध मार्च भाजपा प्रदेश कार्यालय से शुरू होकर इनकम टैक्स चौराहा होते हुए डाकबंगला चौराहा तक गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं के हाथों में तख्तियां थीं और वे जेएनयू की छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग कर रही थीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी की चुप्पी पर कड़े सवाल उठाए।

छात्राओं के साथ हुआ शोषण, कांग्रेस चुप क्यों?

विरोध मार्च को संबोधित करते हुए निशा सिंह ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जेएनयू की 11 छात्राओं ने प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम पर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने भी इन आरोपों की जांच के बाद इन्हें सही पाया है।

निशा सिंह ने सीधे तौर पर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश की बेटियों के सम्मान और सुरक्षा की बात आती है, तो महिला अधिकारों की वकालत करने वाले राहुल गांधी मौन क्यों हैं? उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अपने नेताओं के बचाव में खड़ी होगी या पीड़ित छात्राओं के साथ न्याय के लिए आवाज उठाएगी?

"महिलाओं और छात्राओं के सम्मान के मामले में भाजपा महिला मोर्चा किसी भी प्रकार की चुप्पी स्वीकार नहीं करेगा। हम देश की बेटियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ सड़क से लेकर हर मंच पर आवाज उठाते रहेंगे।" - निशा सिंह

राजनीतिक जवाबदेही पर उठे सवाल

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री प्रीति शेखर ने भी इस मामले में कांग्रेस की भूमिका पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने आरोपों को सही पाया है, तो यह एक गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल किया कि क्या महिला सम्मान का मुद्दा कांग्रेस के लिए केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित है?

प्रीति शेखर ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की गरिमा के मामले में किसी भी व्यक्ति को उसके राजनीतिक पद या प्रभाव के आधार पर विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और पीड़ित छात्राओं के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।

विरोध मार्च में शामिल प्रमुख चेहरे

इस विरोध मार्च में भाजपा के कई दिग्गज नेता और पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल थे:

  • निवेदिता सिंह (विधान परिषद सदस्य)
  • अनामिका सिंह पटेल
  • शीला प्रजापति
  • संजय गुप्ता (विधायक)
  • संजीव चौरसिया (मुख्य सचेतक)
  • रत्नेश कुशवाहा (उप सचेतक)
  • प्रीति शेखर (महामंत्री)
  • नितिन अभिषेक

इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता इस मार्च का हिस्सा बने और छात्राओं के लिए न्याय की मांग की।

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