विधान परिषद की 8 सीटों पर एनडीए की जीत के लिए भाजपा ने कसी कमर

पटना में भाजपा के प्रदेश कार्यालय स्थित अटल सभागार में बुधवार को एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी बिहार विधान परिषद चुनावों को लेकर पार्टी की तैयारियों और रणनीति पर विस्तार से चर्चा करना था। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्पष्ट किया कि विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर एनडीए के प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन की पूरी ताकत झोंक दी जाएगी।
रोहन गुप्ता की पहली संगठनात्मक बैठक
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सह बिहार भाजपा के संगठन सह-प्रभारी रोहन गुप्ता के लिए यह बिहार में उनकी पहली संगठनात्मक बैठक थी। बैठक की शुरुआत में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर रोहन गुप्ता का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। बैठक के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने और आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना करने के लिए गहन मंथन किया गया।
जीत के लिए कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश
संजय सरावगी ने बैठक में कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और जनसंपर्क अभियान में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी सफलता के लिए जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना अनिवार्य है।
"संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रियता ही चुनाव में सफलता का आधार है। हमें विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी शक्ति लगानी होगी।"
पार्टी नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे एनडीए के प्रत्याशियों के पक्ष में एक अनुकूल माहौल तैयार किया जाए। इसके लिए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने और पार्टी की गतिविधियों को गति देने की रणनीति बनाई गई।
बैठक में शामिल प्रमुख नेता
इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा के कई दिग्गज नेता और सरकार के मंत्री मौजूद रहे। बैठक में निम्नलिखित प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया:
- भीखू भाई दालसानिया (संगठन महामंत्री)
- विजय कुमार सिन्हा (बिहार सरकार के मंत्री)
- संजय सिंह टाइगर (बिहार सरकार के मंत्री)
- संजीव चौरसिया (विधानसभा मुख्य सचेतक)
- रत्नेश कुशवाहा (उप सचेतक)
- जीवन कुमार (विधान पार्षद)
इसके अलावा प्रदेश महामंत्री प्रीति शेखर, नितिन अभिषेक, सरोज रंजन पटेल सहित विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्ष, विधायक और विधान पार्षद भी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों के मद्देनजर संगठनात्मक सक्रियता को बढ़ाना और एनडीए की जीत के लक्ष्य को मजबूती देना रहा।