लखनऊ में बीजेपी विधायक जय देवी कौशल के साथ मंदिर में जातिगत भेदभाव, पूजा करने से रोकने का गंभीर आरोप

Prakriti Singh20 August 20262 min read34 viewsUttar Pradesh
लखनऊ में बीजेपी विधायक जय देवी कौशल के साथ मंदिर में जातिगत भेदभाव, पूजा करने से रोकने का गंभीर आरोप

लखनऊ के मलिहाबाद से बीजेपी विधायक जय देवी कौशल ने काकोरी के शीतला माता मंदिर में जीर्णोद्धार और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान जातिगत भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। इस खबर से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:- मलिहाबाद से भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने काकोरी के शीतला माता मंदिर में जीर्णोद्धार और भूमिपूजन के दौरान जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया।- विधायक ने मंदिर के कायाकल्प के लिए शासन से करीब डेढ़ करोड़ रुपये (78 लाख एक मंदिर और 70 लाख दूसरे मंदिर के लिए) का बजट स्वीकृत कराया था।- जय देवी कौशल पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की पत्नी हैं और पासी समाज से ताल्लुक रखती हैं।- विधायक का आरोप है कि पासी समाज से होने की वजह से उन्हें मंदिर में पूजा में बैठने नहीं दिया गया, अगरबत्ती नहीं जलाने दी गई और नारियल फोड़ने की अनुमति नहीं मिली।- इस मामले पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने कड़ी नाराजगी जताई है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने विरोध की बात कही है। साथ ही विधायक ने इस मामले की शिकायत पार्टी आलाकमान से करने की बात कही है।

घटना की पूरी जानकारी

लखनऊ की मलिहाबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक जयदेवी कौशल ने बताया कि शीतला देवी मंदिर के जीर्णोद्धार के समय उनको मंदिर में बैठने नहीं दिया गया और पासी समाज का होने की वजह से उनको पूजा करने से रोका गया। काकोरी में शीतला माता मंदिर का जीर्णोद्धार कार्यक्रम बुधवार को था, जिसमें विधायक जयदेवी किशोर को बुलाया गया था। कार्यक्रम में चेयरमैन और भाजपा के तमाम नेता मौजूद थे। विधायक का आरोप है कि जब वह मंदिर गईं तो उनको पूजा से रोका गया, आरती नहीं करने दी गई और न धूपबत्ती जलाने दी गई। जब आरती के लिए कहा गया तो मंदिर में मौजूद कुछ लोगों ने पंडित से कहा कि वह घूम जाएं, जिससे सभी को आरती मिल जाएगी। विधायक को पूजा के दौरान खड़ा रखा गया और उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया। उनका कहना है कि मंदिर का जीर्णोद्धार उनके और उनके प्रयास से ही हुआ है। विधायक ने बताया कि उन्होंने पत्र लिखकर मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 78 लाख रुपये और एक अन्य मंदिर के लिए 70 लाख रुपये स्वीकृत कराए थे। दोनों स्थलों पर शिलान्यास और भूमिपूजन होना था।

कौशल किशोर की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने इस मामले पर कड़ा ऐतराज जताया है और कड़ी नाराजगी जताई है। विधायक ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार और 'सबका साथ सबका विकास' नारे के बावजूद उनके साथ जातिगत भेदभाव किया गया। कौशल किशोर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने विरोध की बात कही है। विधायक जय देवी कौशल ने कहा कि वह इस मुद्दे को पार्टी नेतृत्व और आलाकमान के सामने उठाएंगी। ज्ञात हो कि विधायक के पति कौशल किशोर 2021 से 2024 तक आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे हैं।

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