बक्सर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ से पांच प्रखंडों के चौबीस गांव प्रभावित और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

बक्सर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। वर्तमान में पांच प्रखंडों की बारह पंचायतों के चौबीस गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब नौ हजार नौ सौ निवासी लोग इससे प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए छत्तीस नावों का परिचालन किया जा रहा है और चार बोट एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। अब तक आठ सौ त्रेपन पॉलीथिन शीट का वितरण किया जा चुका है तथा एसडीआरएफ की टीमों को तैनात रखा गया है।
बाढ़ की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए रविवार को समाहरणालय के सभाकक्ष में बैठक हुई। यह बैठक प्रभारी सचिव बक्सर सह सचिव ऊर्जा विभाग अजय यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी अंचलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमणशील रहने का आदेश दिया गया है।
बैठक में आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक रसोई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित फसलों का क्षति आकलन करने और पशुपालकों के लिए पर्याप्त पशुचारा उपलब्ध कराने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाएं, हैलोजन टैबलेट और एंटी-वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर बोट एंबुलेंस संचालित करने को कहा गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग को फ्लड फाइटिंग की सभी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है।
जिला पदाधिकारी साहिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गंगा के जलस्तर और तटबंधों की चौबीस घंटे निगरानी हो रही है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। प्रभावित परिवारों को जरूरत के अनुसार राहत सामग्री और सूखा राशन किट दी जाएगी। मेडिकल टीमों को आवश्यक दवाओं के साथ तैयार रखा गया है। जिला पदाधिकारी ने लोगों से घबराने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर जीरो छह एक आठ तीन दो दो तीन तीन तीन तीन पर सूचना देने को कहा गया है।