बक्सर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, तेज हुए राहत और बचाव कार्य

बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार 4 सितंबर को पूर्वाह्न 10 बजे गंगा का जलस्तर 60.50 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 60.32 मीटर से 18 सेंटीमीटर अधिक है।
नावों और राहत सामग्री का वितरण
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और राहत कार्य के लिए कुल 35 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। बक्सर अंचल के गोविन्दपुर में दो, चौसा में पांच, ब्रह्मपुर में छह, सिमरी में 17 तथा चक्की अंचल में पांच नावें संचालित हो रही हैं। प्रभावित परिवारों के बीच पॉलीथीन शीट का भी वितरण किया जा रहा है। बक्सर में 270, चौसा में 198 और सिमरी में 180 पॉलीथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं।
प्रशासन की निगरानी और निर्देश
प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रवण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने तथा बच्चों को नदी से दूर रखने की अपील की है। संबंधित अंचल अधिकारियों को आश्रय स्थलों और सामुदायिक रसोई केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को बक्सर-कोईलवर तटबंध की 24 घंटे निगरानी करने तथा कटाव निरोधक कार्य के लिए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है। घाटों का निरीक्षण भी कराया जा रहा है। प्रशासन ने आवश्यकता के अनुसार नाव, नाविक और गोताखोर की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अवैध नाव परिचालन एवं नावों में क्षमता से अधिक सवारी के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है।