बक्सर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट: अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, नावों पर रोक

बक्सर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
- बढ़ते जलस्तर के कारण अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियां रद्द।
- शाम 4 बजे के बाद नावों के परिचालन पर रोक।
- प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई और बोट एंबुलेंस की व्यवस्था।
- सड़क मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं और पशु चारा उपलब्ध कराने के निर्देश।
प्रशासनिक निर्देश और निगरानी
जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार भ्रमण करने और स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को शाम चार बजे के बाद नावों के परिचालन पर रोक लगाने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई (Community Kitchen) शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है।
बुनियादी ढांचा और संचार
सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कर आवागमन बहाल करने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों में माइकिंग के जरिए लोगों को बाढ़ के दौरान 'क्या करें और क्या न करें' की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था
सिविल सर्जन को पर्याप्त हैलोजन टैबलेट, आवश्यक दवाएं और एंटी-वेनम उपलब्ध रखने तथा जरूरत पड़ने पर बोट एंबुलेंस संचालित करने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल को फ्लड फाइटिंग की सभी तैयारियां पूरी रखने और संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया है।
विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी
कृषि विभाग को फसलों के क्षति आकलन, जबकि पशुपालन विभाग को पशु चारा उपलब्ध कराने का निर्देश मिला है। शिक्षा विभाग को प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों की टैगिंग करने और पीएचईडी को चलंत शौचालय और पेयजल की व्यवस्था करने को कहा गया है। बिजली विभाग को विद्युत आपूर्ति की स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया गया है।
नियंत्रण कक्ष और सफाई
बक्सर और डुमरांव अनुमंडल में तत्काल नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और पुलिस अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में नियमित गश्ती करने का निर्देश दिया गया है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में साफ-सफाई और एंटी-लार्वा का छिड़काव कराने को कहा गया गया है। प्रशासन ने सभी कर्मियों को पूरी तत्परता और समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है।