बैंक घोटाले में आईएफएस समेत तीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Ghazala Saheb11 September 20262 min read10 viewsBihar
बैंक घोटाले में आईएफएस समेत तीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

सीबीआई को जांच में 75 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा मिला है। सीईओ ने खुद इस घोटाले की साजिश रची थी। चंडीगढ़ में आईडीएफसी और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने शुक्रवार को क्रेस्ट के तत्कालीन सीईओ और आईएफएस अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव समेत तीन के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी है।

किस-किस के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट

इस मामले में आईएफएस अधिकारी के अलावा विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और इसके डायरेक्टर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। यह मामला यूटी चंडीगढ़ के क्रेस्ट के फंड के गबन से जुड़ा है।

किन धाराओं के तहत दर्ज हैं आरोप

इन पर आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करने और रिश्वतखोरी, आपराधिक कदाचार तथा अपराध में मदद करने के आरोप हैं। यह फंड आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खातों से गलत तरीके से निकाला गया था।

कैसे रची गई थी घोटाले की साजिश

जांच में पता चला कि क्रेस्ट के सीईओ के तौर पर काम करते हुए नवनीत श्रीवास्तव ने दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और क्रेस्ट के फंड का गबन किया। उनकी पत्नी, जो विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर हैं, और कंपनी को भी अपराध में मदद करने और साजिश का हिस्सा होने के लिए आरोपी बनाया गया है।

संपत्ति खरीदने में हुआ पैसों का इस्तेमाल

इस कंपनी को धोखाधड़ी से निकाली गई रकम में से 95 लाख रुपये मिले और उसने इस पैसे का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया। क्रेस्ट मामले में धोखाधड़ी की कुल रकम 75.4 करोड़ रुपये है।

सीबीआई की हिरासत में मुख्य आरोपी

नवनीत श्रीवास्तव को सीबीआई ने इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर लिया था और वह अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने यह मामला चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से अपने हाथ में लिया था।

पहले भी दाखिल हो चुकी हैं चार्जशीट

इस चार्जशीट से पहले, इस मामले में 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। ये मामले आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा में हुई बड़ी बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े हैं।

हरियाणा सरकार के फंड का मामला

हरियाणा सरकार के आठ विभागों और संगठनों के लगभग 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड को जाली फिक्स्ड डिपॉजिट और धोखाधड़ी वाले डेबिट ट्रांज़ैक्शन के ज़रिए निकाला गया था। राज्य सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने हरियाणा के मामले को राज्य विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो से अपने हाथ में लिया था।

अन्य मामलों में भी चल रही है जांच

हरियाणा मामले में सीबीआई ने अब तक 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चंडीगढ़ के स्मार्ट सिटी और म्युनिसिपल कॉरपोरेशन से जुड़े तीसरे मामले में 78 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में 07 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। फंड के लेन-देन का पता लगाने और अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए तीनों मामलों की आगे जांच चल रही है।

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