जनगणना 2027 की तैयारी: सुपौल में ट्रेनिंग शुरू, दिसंबर तक लक्ष्य
सुपौल में जनगणना 2027 की तैयारी तेज हो गई है। अधिकारियों और कर्मियों का प्रशिक्षण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

भारत की जनगणना 2027 की तैयारी को लेकर सुपौल जिले में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिले में जनगणना के दूसरे चरण, यानी जनसंख्या गणना (पॉपुलेशन एन्यूमरेशन) को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया है। शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों को आगामी कार्यों की बारीकियों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण का आगाज और डीएम के कड़े निर्देश
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी सावन कुमार ने उप विकास आयुक्त और अपर समाहर्ता के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए नियुक्त चार्ज जनगणना अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या गणना का कार्य पूरी सावधानी, पारदर्शिता और बिना किसी त्रुटि के निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न होना चाहिए।
दिसंबर 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित
जनगणना के दूसरे चरण का मुख्य कार्य जनवरी से फरवरी 2027 के बीच किया जाना तय हुआ है। इस कार्य को व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन ने एक सख्त समय-सीमा निर्धारित की है। जनगणना 2027 की तैयारी के तहत सभी चार्ज स्तरीय पदाधिकारियों, तकनीकी सहायकों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि गणना के समय कोई तकनीकी बाधा न आए।
विकास और नीति निर्धारण में आंकड़ों की भूमिका
जिलाधिकारी ने जनगणना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि:
"जनगणना के आंकड़े देश के विकास और भविष्य की नीति निर्धारण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सटीक आंकड़ों के आधार पर ही सरकार विभिन्न विकास योजनाओं का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन कर सकती है।"
प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 अक्टूबर से शुरू होकर 2 नवंबर तक चलेगा। इसमें जनगणना निदेशालय द्वारा नामित प्रशिक्षक रविशकांत और रोहित कुमार द्वारा अधिकारियों को निम्नलिखित विषयों पर जानकारी दी जा रही है:
- जनसंख्या गणना से जुड़े विभिन्न सैद्धांतिक पहलू।
- ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया।
- क्षेत्रीय स्तर पर कार्यों का व्यावहारिक निष्पादन।
इस प्रशिक्षण सत्र में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।