मुजफ्फरनगर: चरथावल-रोहाना मार्ग पर अंग्रेजों के जमाने का पुल जर्जर, दरारों और गड्ढों से हादसे का डर

Prakriti Singh20 August 20263 min read26 viewsUttar Pradesh
मुजफ्फरनगर: चरथावल-रोहाना मार्ग पर अंग्रेजों के जमाने का पुल जर्जर, दरारों और गड्ढों से हादसे का डर

मुजफ्फरनगर के चरथावल-रोहाना मार्ग पर बधाई गांव के पास काली नदी पर बना पुराना पुल इन दिनों बहुत बुरी हालत में है। इस खबर के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • पुल की सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं और कई हिस्सों में दरारें आ गई हैं।
  • रोजाना इस जर्जर पुल से सैकड़ों वाहन गुजरते हैं जिससे ग्रामीणों में हादसे का डर बना हुआ है।
  • स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल की तकनीकी जांच और तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
  • यह पुल दिल्ली और हरियाणा की ओर जाने वाले मार्गों से जुड़े क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

लंबे समय से आवागमन का प्रमुख साधन है पुल

स्थानीय नागरिक विकास कुमार ने बताया कि काली नदी पर बना यह पुल काफी पुराना है और स्थानीय लोगों के बीच इसे अंग्रेजों के जमाने का बताया जाता है। लंबे समय से यह पुल आसपास के गांवों और क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन बना हुआ है। उनका कहना है कि इतने पुराने पुल की नियमित जांच और रखरखाव बेहद जरूरी है। यदि पुल की मौजूदा स्थिति को नजरअंदाज किया गया तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है।

दरारें और गड्ढे लगातार बढ़ने से ग्रामीण चिंतित

ग्राम प्रधान धर्मेंद्र ने पुल की स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि पुल पर समय के साथ गड्ढे और दरारें बढ़ती जा रही हैं। वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पुल की सड़क पर बने गड्ढे लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुल से आवागमन जारी है, लेकिन यदि समय रहते इसकी मरम्मत और आवश्यक तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से पुल का मौके पर निरीक्षण कराने और उसकी स्थिति के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

दिल्ली-हरियाणा की ओर जाने वाले मार्ग से जुड़ा है क्षेत्र

किसान मोहित चौधरी ने बताया कि चरथावल-रोहाना मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क है। इस मार्ग के जरिए आसपास के कई क्षेत्र दिल्ली और हरियाणा की ओर जाने वाले मार्गों से जुड़े हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि पुल पर किसी प्रकार की बड़ी दुर्घटना होने से न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी होगी, बल्कि मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए पुल की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए समय रहते मरम्मत कराना जरूरी है।

बड़े हादसे से पहले जागे प्रशासन

ग्रामीणों का कहना है कि पुराने पुल पर दिखाई दे रही दरारों और गड्ढों को केवल सड़क की सामान्य खराबी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि पुल की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि उसकी संरचनात्मक स्थिति कितनी सुरक्षित है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पुल की मजबूती की जांच कराने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने और जरूरत पड़ने पर व्यापक मरम्मत कार्य कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को किसी संभावित हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले ही एहतियाती कदम उठाने चाहिए।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने, तकनीकी विशेषज्ञों से इसकी मजबूती की जांच कराने तथा पुल पर बने गड्ढों और दिखाई दे रही दरारों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, इसलिए इसकी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment