छपरा में प्रतिबंधित पटाखे: प्रशासन के आदेश बेअसर
छपरा में दीपावली और छठ के लिए प्रशासन ने केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति दी है, लेकिन बाजारों में खुलेआम प्रतिबंधित पटाखे बिक रहे हैं।

सारण जिले में दीपावली और छठ के मद्देनजर छपरा में प्रतिबंधित पटाखे की खुलेआम बिक्री प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है। त्योहारों के इस सीजन में जहाँ प्रशासन सुरक्षा और पर्यावरण को लेकर सख्त निर्देश जारी कर रहा है, वहीं जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।
प्रशासनिक निर्देशों की उड़ रही धज्जियां
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने आगामी दीपावली और छठ पर्व को देखते हुए अस्थायी पटाखा लाइसेंस और सुरक्षा मानकों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। विस्फोटक नियमावली के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि भंडारण और बिक्री स्थलों पर कम से कम 3 मीटर की दूरी रखी जाए। इसके अलावा, प्रशासन ने केवल कम उत्सर्जन वाले ग्रीन पटाखों की बिक्री की ही अनुमति दी है।
हालांकि, स्थानीय बाजारों में स्थिति यह है कि विक्रेता इन सभी प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। दुकानदार न केवल प्रतिबंधित पटाखे बेच रहे हैं, बल्कि सुरक्षा मानकों को भी पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं।
बड़ा खतरा पैदा कर रहे अवैध पटाखे
सुरक्षा मानकों और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों की इस खुली अवहेलना से जिले में दो बड़े खतरे उत्पन्न हो सकते हैं:
- सुरक्षा का जोखिम: बिक्री स्थलों पर निर्धारित दूरी और सुरक्षा मानकों का पालन न होने से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना या आग लगने की आशंका बनी रहती है।
- प्रदूषण का खतरा: प्रशासन द्वारा केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति दिए जाने के बावजूद, बाजारों में सामान्य और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री से वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ सकता है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या सख्त कार्रवाई करता है और क्या नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा पाता है।