छपरा में डांडिया और झिझिया की धूम, भक्ति और संस्कृति का संगम

Ghazala Saheb16 October 20261 min read0 viewsBihar
छपरा में डांडिया और झिझिया की धूम, भक्ति और संस्कृति का संगम

सारण जिले के छपरा में दुर्गा पूजा का उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इस बार यहां की लोक संस्कृति ने भी अपना रंग बिखेरा। कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ने शहर के माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया।

भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में सजी सांस्कृतिक महफिल

छपरा स्थित भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी में डांडिया और झिझिया नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक पहल ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि बिहार की समृद्ध विरासत को भी जीवंत कर दिया।

नई पीढ़ी को लोक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बिहार की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करना था। विभाग का लक्ष्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और लोक परंपराओं से जोड़ना है, ताकि वे अपनी विरासत पर गर्व कर सकें।

इस कार्यक्रम के माध्यम से कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को प्राप्त करने की कोशिश की गई:

  • सांस्कृतिक संरक्षण: पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित करना।
  • सामाजिक सौहार्द: सांस्कृतिक एकता और आपसी मेलजोल को बढ़ावा देना।
  • सामुदायिक सहभागिता: लोगों के बीच आपसी जुड़ाव और सहभागिता बढ़ाना।
इस सांस्कृतिक पहल के माध्यम से पारंपरिक लोक कलाओं के संरक्षण, सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक एकता और आपसी सहभागिता को बढ़ावा मिला, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।

डांडिया की थाप और झिझिया के पारंपरिक गीतों ने उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय कलाकारों को एक मंच प्रदान किया, बल्कि पूरे सारण जिले में सांस्कृतिक उत्साह की एक नई लहर पैदा कर दी है।

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