छपरा कालीबाड़ी दुर्गापूजा: 105वें वर्ष में बंगाली परंपरा, जानें पूरा शेड्यूल

Ghazala Saheb16 October 20261 min read0 viewsBihar
छपरा कालीबाड़ी दुर्गापूजा: 105वें वर्ष में बंगाली परंपरा, जानें पूरा शेड्यूल

सारण जिले के छपरा में शारदीय दुर्गापूजा को लेकर चारों ओर उत्साह और उल्लास का माहौल है। शहर में अलग-अलग परंपराओं के अनुसार पूजा की जा रही है, जिसमें छपरा कालीबाड़ी का विशेष महत्व है। इस वर्ष कालीबाड़ी में श्री श्री शारदीय दुर्गापूजा अपने 105वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है, जहाँ बंगाली रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा की आराधना की जा रही है।

षष्ठी से शुरू होगा महापर्व

पूजा समिति के सचिव अवशेष कुमार सिंह उर्फ भोला दादा के अनुसार, पूजा का आधिकारिक शुभारंभ आज शाम 8 बजे से हो रहा है। षष्ठी पूजा के साथ ही देवी का बोधन, आमंत्रण एवं अधिवास जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इसके बाद पूजा का सिलसिला सप्तमी और अष्टमी के साथ आगे बढ़ेगा।

पूजा का विस्तृत कार्यक्रम

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूजा के मुख्य दिनों का कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 17 अक्टूबर: सप्तमी पूजा
  • 18 अक्टूबर: अधिक सप्तमी
  • 19 अक्टूबर: महाअष्टमी (इस दिन विशेष संधि पूजा सुबह 7:26 बजे से 8:14 बजे तक होगी)
  • 20 अक्टूबर: महानवमी (हवन और बलि का विधान)
  • 21 अक्टूबर: विजया दशमी

दशमी पर सिंदूर खेला और विसर्जन

विजया दशमी के दिन यानी 21 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से दशमी पूजा शुरू होगी। इसके बाद सुबह 10:30 बजे पारंपरिक सिंदूर खेला का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन के लिए दोपहर 12 बजे प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न होगी।

प्रतिदिन होने वाले विशेष आयोजन

भक्तों के लिए कालीबाड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक पुष्पांजलि का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सप्तमी से लेकर नवमी तक हर शाम 7:30 बजे से भव्य आरती का आयोजन होगा। बंगाली पद्धति से होने वाले इन आयोजनों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है।

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