छपरा: बच्चों को सिखाए कानून के गुर, सुरक्षित बचपन के लिए जागरूकता शिविर
छपरा के स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, जिसमें बच्चों को बाल संरक्षण, पॉक्सो एक्ट और साइबर सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

सारण जिले के छपरा में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष पहल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण के तत्वावधान में सरस्वती विद्या मंदिर और संगम पब्लिक स्कूल में 'छपरा में सुरक्षित बचपन' सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों को कानूनी सुरक्षा चक्र से परिचित कराना था।
बाल अधिकारों और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर
शिविर के दौरान प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार ने विद्यार्थियों को कानून की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को बाल संरक्षण कानूनों के साथ-साथ बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया। उन्होंने विशेष रूप से पॉक्सो (POCSO) एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी ताकि बच्चे अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रह सकें।
आज के डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए, राजीव कुमार ने डिजिटल सुरक्षा पर भी महत्वपूर्ण चर्चा की। उन्होंने बच्चों को साइबर बुलिंग और ऑनलाइन होने वाले फ्रॉड से बचने के तरीके समझाए, ताकि वे इंटरनेट का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग कर सकें।
मुफ्त कानूनी सहायता और पुनर्वास की जानकारी
बच्चों के सर्वांगीण कल्याण के लिए विशेषज्ञों ने विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला:
- बाल कल्याण और पुनर्वास: बाल कल्याण समिति की सदस्य सरोज कुमारी ने बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया और समिति की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया।
- निःशुल्क कानूनी मदद: एल.ए.डी.सी.एस. के चीफ पूर्णेन्दु रंजन ने समाज के वंचित वर्गों और बच्चों के लिए उपलब्ध मुफ्त कानूनी पैरवी की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
- विधिक सहायता: सचिव ने जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई।
कार्यक्रम के अंत में एक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर पारा विधिक स्वयंसेवक कामेश्वर यादव, दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।