छपरा: स्कूली बच्चों ने सीखे आग बुझाने के गुर, मॉकड्रिल से मिली सुरक्षा की ट्रेनिंग

सारण जिले के छपरा में स्कूली बच्चों को आपातकालीन स्थितियों, विशेषकर आग लगने जैसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार किया गया है। छपरा सेंट्रल स्कूल में एक विशाल मॉकड्रिल सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को सुरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।
यह कार्यक्रम जिला अग्निशमन पदाधिकारी मनजीत सिंह के दिशा-निर्देशों और अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी सूरज कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान स्कूल के लगभग 300 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अग्निशमन विशेषज्ञों से जीवन रक्षक कौशल सीखे।
आग बुझाने के अलग-अलग तरीकों का लाइव प्रदर्शन
अग्निशमन टीम ने छात्रों के सामने विभिन्न प्रकार की आग को नियंत्रित करने का जीवंत प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों ने समझाया कि आग की प्रकृति के आधार पर ही सही उपकरण का चुनाव करना आवश्यक है। बच्चों को निम्नलिखित जानकारी दी गई:
- पाउडर टाइप फायर एक्सटिंग्विशर: इसका उपयोग सामान्य आग को बुझाने के लिए किया जाता है।
- फोम टाइप फायर एक्सटिंग्विशर: यह तैलिय (तेल से लगी) आग पर काबू पाने के लिए सबसे प्रभावी है।
- CO2 टाइप फायर एक्सटिंग्विशर: गैस से लगी आग को नियंत्रित करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और आधुनिक मशीनों की जानकारी
सिर्फ आग बुझाना ही नहीं, बल्कि संकट के समय लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना भी इस ट्रेनिंग का मुख्य हिस्सा था। आधुनिक तकनीक के माध्यम से यह दिखाया गया कि यदि कोई व्यक्ति बहुमंजिला इमारत में फंस जाए, तो उसे कैसे रेस्क्यू किया जा सकता है। इसके साथ ही, घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार देने और उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुँचाने की बारीकियां भी सिखाई गईं।
इस अवसर पर अग्निशमन विभाग की आधुनिक मशीनों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें शामिल थे:
- आधुनिक फोम टेंडर वाहन
- मिश्रित टेक्नोलॉजी अग्निशामक वाहन
- धुआँ निकालने वाली विशेष मशीन
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित अग्निशमन विभाग के सबऑफिसर सुनील सिंह, प्रधान चालक हृदयानंद कुमार, प्रधान अग्नि रंजीत कुमार, चंदन कुमार, बबलू कुमार और प्रियंका कुमारी मौजूद रहे। इस प्रशिक्षण से न केवल छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि उन्हें भविष्य की आपदाओं के प्रति जागरूक भी किया गया।