छपरा की शिक्षिका चंचला तिवारी को मिला राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026, सारण जिले से हैं एकमात्र चयनित

सारण जिले की शिक्षिका चंचला तिवारी को बिहार सरकार के राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। वह शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं और छपरा सदर प्रखंड के बसाढ़ी स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। इस वर्ष पूरे सारण जिले से इस राज्यस्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित होने वाली वह एकमात्र शिक्षिका हैं।
विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और पठन-पाठन के प्रति अटूट समर्पण के लिए उन्हें आगामी 5 सितंबर शिक्षक दिवस को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
प्रधानाध्यापिका चंचला तिवारी ने बातचीत के क्रम में बताया कि उनका हमेशा से यही प्रयास रहा है कि वह अपना 100 प्रतिशत योगदान दें और उनकी वजह से बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सके। पिछले 16 वर्षों के अपने शिक्षण सफर के दौरान उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ साथी शिक्षकों तथा नवनियुक्त प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पोर्टल पर 100 अंकों के निर्धारित मानदंडों के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में एक विशेष इंटरव्यू आयोजित किया गया था। इस साक्षात्कार बोर्ड में डीआईएटी के प्राचार्य और पूर्व राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ शिक्षक शामिल थे, जिन्होंने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का चयन किया।
चंचला तिवारी की इस गौरवमयी उपलब्धि से सारण जिले के शिक्षाविदों, साहित्यप्रेमियों और संपूर्ण शिक्षक समुदाय में हर्ष का माहौल है। शिक्षाविद एवं पूर्व प्रधानाचार्य रामदयाल शर्मा, संस्कार भारती उत्तर बिहार महामंत्री सुरभित दत्त, संस्कार भारती के प्रांतीय लोक कला टोली के सदस्य राजेश चंद्र मिश्रा, गोलू कुमार उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बसाढ़ी के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।