दिल्ली कूच पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस: रामलीला मैदान रैली की बड़ी तैयारी
छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली INDIA bloc की 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' में शामिल होने के लिए रवाना हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA bloc की रामलीला मैदान रैली में शामिल होने की पूरी तैयारी कर ली है। राज्य के कांग्रेस कार्यकर्ता भारी संख्या में राष्ट्रीय राजधानी की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे आगामी विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
नेताओं का बड़ा ऐलान: 'यह एक राष्ट्रीय स्तर का महाप्रदर्शन होगा'
राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने इस महासंग्राम में अपनी भागीदारी की पुष्टि करते हुए इसे एक ऐतिहासिक घटना बताया। उन्होंने कहा, "मैं अक्सर दिल्ली जाती रहती हूं, लेकिन इस बार रामलीला मैदान में एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय स्तर का विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है। इसमें 'महागठबंधन' के सभी नेता और पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ शामिल होगी। यह वास्तव में एक भव्य रैली होने वाली है।"
भाजपा पर लगाया आवागमन रोकने का आरोप
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बताया कि राज्य से प्रतिनिधिमंडल और समर्थक दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर लोकतांत्रिक आवाजाही को बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया। महंत ने कहा, "छत्तीसगढ़ के लोग वहां जा रहे हैं। कुछ रास्ते में हैं और कुछ जल्द ही निकलेंगे। भाजपा हमेशा बहाने ढूंढती है ताकि जवाबदेही से बच सके। वे हमारी बसों और ट्रेनों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं ताकि हमारे लोग दिल्ली न पहुंच सकें। वे अपनी साख बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।"
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक संदीप साहू ने इस विशाल रैली के पीछे के मुख्य कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित छेड़छाड़ और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर कड़ा रुख अपनाया। साहू ने कहा, "जिस तरह से वोट चोरी किए जा रहे हैं, उसे देखते हुए कांग्रेस और अन्य दल लगातार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा और उनके प्रवक्ता उनके बचाव में उतर आए हैं। इसी के विरोध में 1 तारीख को रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया जा रहा है।"
क्या है 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च'?
यह मार्च एकजुट विपक्षी गठबंधन INDIA bloc द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य चुनावी धांधली के आरोपों और संवैधानिक अखंडता को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाना है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने जोर दिया है कि यह आंदोलन किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने का एक सामूहिक प्रयास है।