शिल्पी पोखरा की बदहाली पर भड़कीं विधायक छोटी कुमारी, दिए सख्त निर्देश

सारण के शिल्पी पोखरा की दुर्दशा और वहां फैली गंदगी को लेकर स्थानीय विधायक छोटी कुमारी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने नगर निगम के नगर आयुक्त को पोखरा के जीर्णोद्धार और स्वच्छता से जुड़े सभी लंबित कार्यों को अविलंब पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है।
गंदगी और दुर्गंध से स्थानीय लोगों का जीना मुहाल
शिल्पी पोखरा में लंबे समय से गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे उठने वाली भयंकर दुर्गंध ने आसपास के रहवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। विधायक ने स्पष्ट किया है कि पोखरा की स्थिति को सुधारने के लिए निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए:
- पोखरा की चहारदीवारी का निर्माण।
- जल निकासी (Drainage) की समुचित व्यवस्था।
- उराही और गाद (Silt) की गहन सफाई।
- परिसर में स्वच्छता बनाए रखना।
छठ पूजा से पहले सफाई की बड़ी मांग
शिल्पी पोखरा के पास एक मंदिर स्थित है, जिसके कारण इस स्थान का गहरा धार्मिक महत्व भी है। आगामी छठ पूजा के मद्देनजर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पोखरा परिसर की सफाई और गंदे पानी की निकासी की पुरजोर मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं हुई, तो व्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
"छपरा के पौराणिक जलस्रोतों और सार्वजनिक स्थलों का संरक्षण मेरी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" — छोटी कुमारी, विधायक
अधिकारियों की सुस्ती पर जताई नाराजगी
विधायक छोटी कुमारी ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिल्पी पोखरा का मामला पहले भी बिहार विधानसभा में उठाया जा चुका है। उस समय विभागीय स्तर पर काम जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन धरातल पर प्रगति बेहद धीमी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनहित के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और कार्यों में तेजी लाना अनिवार्य है।