चिराग पासवान का कड़ा रुख: भारत में विदेशी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को पटना में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। पासवान का यह कड़ा रुख बॉलीवुड अभिनेता और अमेरिकी नागरिक इमरान खान को दिए गए 'लीव इंडिया' नोटिस के बाद आया है।
इमरान खान को देश छोड़ने का नोटिस
विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने 14 अक्टूबर 2026 को इमरान खान को एक नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। उन पर इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धाराओं 7 और 29 के तहत कथित उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
क्या था पूरा विवाद?
यह पूरा मामला 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इमरान खान ने इस विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था।
चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
- भारतीय नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है।
- विदेशी नागरिकों और यहाँ तक कि ओसीआई (OCI) कार्डधारकों को भी देश के आंतरिक राजनीतिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।
कानूनी लड़ाई और ओसीआई स्टेटस पर संकट
इमरान खान ने इस नोटिस को 'मनमाना, अवैध और असंवैधानिक' करार देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है। उनके वकीलों का तर्क है कि उन्होंने किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है और वह दो साल की उम्र से ही भारत में रह रहे हैं।
"यह कार्रवाई मेरे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।" — इमरान खान
वहीं, FRRO ने 17 अक्टूबर को एक नया कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है, जिसमें इमरान खान से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनका ओसीआई स्टेटस क्यों न रद्द कर दिया जाए। सरकार का रुख स्पष्ट है कि ओसीआई कार्डधारक विदेशी नागरिक ही माने जाते हैं और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने पर उनका वीजा रद्द किया जा सकता है।
इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 19 अक्टूबर को बॉम्बे हाई कोर्ट में होने की उम्मीद है। इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन दिल्ली, हैदराबाद, श्रीनगर और लंदन जैसे शहरों में भी जारी है।