भारत बनेगा दुनिया का 'फूड बास्केट', FTA से बढ़ेगा खाद्य निर्यात: चिराग पासवान
चिराग पासवान ने कहा कि FTA के जरिए भारत दुनिया का फूड बास्केट बन सकता है। खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर।

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भारत को खाद्य निर्यात बढ़ाने और वैश्विक बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अपनी कृषि उपज में मूल्य वृद्धि (Value Addition) करके दुनिया की 'फूड बास्केट' (खाद्य टोकरी) के रूप में उभर सकता है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मजबूत हो रहे व्यापारिक संबंध
नई दिल्ली में आयोजित भारत अंतर्राष्ट्रीय राइस कॉन्फ्रेंस (BIRC) 2026 के दौरान मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि भारत विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौते कर रहा है ताकि निर्यात संबंधों को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत अपनी क्षमता का लाभ उठाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के द्वार खोल रहा है।
मंत्री ने आगे कहा कि भारत न केवल अपनी घरेलू खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है, बल्कि अन्य देशों की खाद्य जरूरतों को भी पूरा कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए ये व्यापार समझौते अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
"हम अपनी भूख की जरूरतों का ख्याल रख रहे हैं; हम विभिन्न अन्य देशों की भूख की जरूरतों का भी ख्याल रख सकते हैं। इसके लिए इन व्यापार समझौतों की आवश्यकता है।"
उत्पादन से ज्यादा 'वैल्यू एडिशन' पर ध्यान देने की जरूरत
चिराग पासवान ने इस बात पर भी जोर दिया कि अब भारत को केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने से आगे बढ़कर खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) के माध्यम से मूल्य वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब भारत खाद्य संकट का सामना कर रहा था, तब हमारा ध्यान उत्पादन पर था, लेकिन अब ध्यान कृषि उत्पादों को प्रोसेस करके उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक ले जाने पर होना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमारे पास उत्पादन की मात्रा है; अब हमें इसमें मूल्य जोड़ना है और इसे वैश्विक स्तर पर ले जाना है।" उन्होंने भारत की विविध खाद्य वस्तुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण से देश अपनी कृषि उपज का बेहतर उपयोग कर सकेगा। इसके लिए सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी योजनाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
BIRC 2026: वैश्विक खरीदारों का बड़ा जमावड़ा
यह महत्वपूर्ण टिप्पणी नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित BIRC 2026 के दौरान की गई। भारतीय चावल निर्यातक संघ (IREF) द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय चावल निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को एक मंच पर लाना है।
- पंजीकरण: इस सम्मेलन में अब तक 32,467 पंजीकरण हो चुके हैं।
- अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: 153 देशों से लगभग 4,856 खरीदार इसमें शामिल हो रहे हैं।
- कार्यक्रम का स्वरूप: इसमें 65 वक्ता, नौ ज्ञान सत्र और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 2,038 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें निर्धारित हैं।
चिराग पासवान ने अंत में कहा कि इस तरह के मंच खाद्य प्रसंस्करण और चावल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये उद्योग के प्रतिभागियों को सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने और विकास को समर्थन देने के लिए एक साथ लाते हैं।