रघोपुर नाव हादसा: चिराग पासवान ने जताई नाराजगी, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

बिहार के वैशाली जिले के रघोपुर में हुए एक बेहद दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया है। इस हादसे में 15 वर्ष से कम उम्र के कम से कम 13 मासूम बच्चों की मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रशासन की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
घटनास्थल पर पहुंचे चिराग पासवान, PM मोदी को दी जानकारी
हादसे की सूचना मिलते ही चिराग पासवान देर रात खुद रघोपुर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के उच्चाधिकारियों, जिनमें जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हैं, से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। चिराग पासवान ने बताया कि उन्होंने इस दुखद घटना के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सूचित कर दिया है।
"मेरा इस दौरे का उद्देश्य पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना और यह समझना था कि आखिर यह हादसा क्यों हुआ। सवाल उठना लाजमी है कि आखिर ऐसी नाव वहां कैसे चल रही थी?"
प्रशासनिक लापरवाही पर उठाए गंभीर सवाल
चिराग पासवान ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक अनदेखी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं:
- सूर्यास्त के बाद संचालन: नियमों के अनुसार सूर्यास्त के बाद नावों का चलना मना है, फिर भी यह नाव कैसे संचालित हो रही थी?
- ओवरलोडिंग: एक ही नाव में इतने सारे बच्चों को एक साथ बैठाना सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी है।
- अधिकारियों की जवाबदेही: इस मामले में स्थानीय अंचल अधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO) की भूमिका संदिग्ध है और उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
अस्पताल में घायलों का हाल जाना
हाजीपुर के सांसद ने नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का भी दौरा किया। वहां उन्होंने हादसे में घायल हुए बच्चों से मुलाकात की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुआवजे की घोषणा
इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।