'विकसित भारत 2047' के लिए चावल और फूड प्रोसेसिंग जरूरी: चिराग पासवान

चिराग पासवान ने कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लिए फूड प्रोसेसिंग और चावल उद्योग का मजबूत होना और निर्यात बढ़ाना बेहद जरूरी है।

Ghazala Saheb23 October 20262 min read0 viewsBihar
'विकसित भारत 2047' के लिए चावल और फूड प्रोसेसिंग जरूरी: चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और चावल उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। नई दिल्ली में आयोजित 'भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस' (BIRC) के दौरान उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक 'फूड बास्केट' (खाद्य टोकरी) के रूप में स्थापित करने के लिए निर्यात संबंधों को मजबूत करना आवश्यक है।

निर्यात बढ़ाने के लिए FTA पर जोर

चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreements - FTAs) कर रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ये समझौते भारत के कृषि और खाद्य क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।

"जब प्रधानमंत्री 'विकसित भारत 2047' की बात करते हैं, तो फूड प्रोसेसिंग सेक्टर और चावल का क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। विभिन्न देशों के साथ FTA के माध्यम से हमारा उद्देश्य निर्यात संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना है। भारत में क्षमता है कि वह दुनिया की खाद्य जरूरतों को पूरा कर सके।"

उन्होंने आगे कहा कि भारत न केवल अपनी भूख मिटाने में सक्षम है, बल्कि दुनिया के अन्य देशों की खाद्य जरूरतों को भी पूरा कर सकता है। इसके लिए व्यापार समझौतों का होना अनिवार्य है।

वैश्विक खाद्य टोकरी बनेगा भारत

मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत में कृषि और उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा शामिल है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब भारत खाद्य की कमी वाला देश था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर, जिसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया था, अब विकास का एक बड़ा इंजन बन सकता है।

BIRC 2026: एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) द्वारा किया गया है। इस कॉन्फ्रेंस में वैश्विक स्तर पर व्यापारिक संभावनाओं को तलाशने के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की जा रही हैं।

इस सम्मेलन की भव्यता और इसमें शामिल होने वाले लोगों के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • कुल पंजीकरण: 32,467
  • विदेशी खरीदार: 4,856 (153 देशों से)
  • विशेषज्ञ वक्ता: 65
  • B2B बैठकें: 2,038 (डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से)

चिराग पासवान ने इस पहल के लिए आयोजकों को बधाई दी और कहा कि इस तरह के मंच हितधारकों को नए विचार साझा करने और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

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