चिराग पासवान की दोटूक: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन, पर अराजकता बर्दाश्त नहीं

Ghazala Saheb11 October 20262 min read0 viewsBihar
चिराग पासवान की दोटूक: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन, पर अराजकता बर्दाश्त नहीं

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने देश में चल रहे विभिन्न विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, पासवान ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सर्वोपरि है, लेकिन अराजकता फैलाने की कोशिशों को पहचानना और रोकना अनिवार्य है।

लोकतंत्र और युवाओं के लिए आंदोलनों का महत्व

चिराग पासवान ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहाँ आंदोलनों ने हमेशा देश को एक नई दिशा दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि:

  • शांतिपूर्ण प्रदर्शनों ने ऐतिहासिक रूप से राष्ट्र को नई राह दिखाई है।
  • ऐसे आंदोलनों से देश में नए युवा नेतृत्व को उभरने का अवसर मिलता है।

हालांकि, उन्होंने एक गंभीर चेतावनी भी दी। पासवान ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व इन शांतिपूर्ण मंचों का दुरुपयोग कर रहे हैं। उनका उद्देश्य प्रदर्शन की आड़ में अपना निजी एजेंडा चलाना और देश में अव्यवस्था पैदा करना है।

"यह पहचानना बहुत जरूरी है कि कौन लोग विरोध प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाने और अफरा-तफरी मचाने का प्रयास कर रहे हैं।" — चिराग पासवान

दिल्ली और पटना में बढ़ता राजनीतिक तनाव

पासवान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया था।

इस विरोध प्रदर्शन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:

  • कारण: मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप।
  • स्थान: जंतर-मंतर (जिसके लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी)।
  • पुलिस कार्रवाई: दिल्ली पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग की खबरें।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार की इस कार्रवाई को "गुंडागर्दी" करार दिया है और उन्होंने 12 अक्टूबर 2026 को और अधिक बड़े विरोध प्रदर्शन करने

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