कॉकroach जनता पार्टी के 'फिक्स द स्कूल्स' अभियान को मिल रहा है भारी विरोध, बुनियादी ढांचे की जांच पर तनातनी

Akhand India Desk24 August 20262 min read62 viewsMaharashtra
कॉकroach जनता पार्टी के 'फिक्स द स्कूल्स' अभियान को मिल रहा है भारी विरोध, बुनियादी ढांचे की जांच पर तनातनी

कॉकroach जनता पार्टी (CJP) का 'फिक्स द स्कूल्स' अभियान अपने शुरू होने के बाद से ही राजनीतिक और प्रशासनिक विरोध का सामना कर रहा है। इस अभियान की शुरुआत 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की गई थी, जिसके संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संस्थापक प्रवक्ता आशुतोष रांका हैं। यह पहल ग्रामीण सरकारी स्कूलों के सामाजिक ऑडिट के लिए है, जिसमें बिजली, पानी, शौचालय और मिड-डे मील की कमियों को जिला अधिकारियों के सामने लाया जा रहा है।

विवाद और हमले की घटनाएं

10 अगस्त 2026 को घोषणा के बाद से ही इस अभियान को भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा है। 21 अगस्त 2026 को राजस्थान के जयपुर में रामपुरा कंवरपुरा गांव के पास आशुतोष रांका के नेतृत्व वाले CJP प्रतिनिधिमंडल पर कथित तौर पर हमला किया गया, जिसमें एक स्वयंसेवक का हाथ फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद पुलिस ने इस घटना को लेकर क्रॉस-FIR दर्ज की। इसके अलावा, 20 अगस्त 2026 को स्वयंसेवकों ने बताया कि उन्हें हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य इलाकों में स्कूल निरीक्षण से रोका गया, जहाँ अधिकारियों ने ब्लॉक विकास अधिकारियों या जिला अधिकारियों की अनुमति अनिवार्य बताई।

सरकार की कार्रवाई और फंडिंग

इन तमाम चुनौतियों के बावजूद इस अभियान की वजह से सरकार को कदम उठाने पड़े हैं। 22 अगस्त 2026 को राजस्थान सरकार ने विधानसभा में माना कि राज्य के 611 स्कूलों के पास अपने स्वतंत्र भवन नहीं हैं। रामपुरा (कवरपुरा) के सरकारी प्राथमिक विद्यालय की स्थिति सामने आने के बाद सरकार ने नए भवन के लिए 18 लाख रुपये मंजूर किए, जिसका निर्माण 1 सितंबर से तय है। इस फंडिंग में 13 अगस्त 2026 को जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के जरिए मंजूर 12 लाख रुपये और स्थानीय विधायक कोष से 6 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा राज्य ने बुनियादी ढांचे के लिए 12,500 करोड़ रुपये के पांच साल के रोडमैप की घोषणा की, जिसमें नए निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपये और मरम्मत के लिए 550 करोड़ रुपये शामिल हैं।

अन्य दलों का समर्थन और CJP का रुख

इस अभियान को अन्य राजनीतिक दलों से भी समर्थन मिला है, जिसमें बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती भी शामिल हैं जिन्होंने 20 अगस्त 2026 को स्कूलों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। आशुतोष रांका ने 22 अगस्त 2026 को यह स्पष्ट किया कि यह अभियान बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक रूप से लक्षित नहीं है और उन्होंने तब तक स्कूलों के दौरे जारी रखने की कसम खाई जब तक जरूरी मरम्मत पूरी नहीं हो जाती।

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