बाढ़ के बाद गंगा की सफाई का महाअभियान: दशाश्वमेध घाट से निकाला गया एक टन से ज्यादा कचरा

Prakriti Singh25 September 20262 min read1 viewUttar Pradesh
बाढ़ के बाद गंगा की सफाई का महाअभियान: दशाश्वमेध घाट से निकाला गया एक टन से ज्यादा कचरा

वाराणसी में हाल ही में आई बाढ़ के बाद अब गंगा नदी और उसके घाटों को फिर से स्वच्छ बनाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। 'नमामि गंगे' पहल और वाराणसी नगर निगम की संयुक्त टीमों ने नदी की सफाई के लिए एक विशेष अभियान तेज कर दिया है।

बाढ़ का मलबा और पूजा सामग्री हटा रहा है प्रशासन

बाढ़ के पानी के उतरने के बाद गंगा के घाटों और नदी के भीतर भारी मात्रा में कचरा, गाद (silt) और पूजा सामग्री जमा हो गई है। सफाई अभियान के तहत 'गंगापुत्र' और स्वयंसेवक लगातार नदी में तैरते मलबे और घाटों पर जमा गंदगी को साफ कर रहे हैं।

  • दशाश्वमेध घाट पर बड़ी कार्रवाई: गुरुवार को सफाई टीमों ने दशाश्वमेध घाट से एक टन से भी अधिक कचरा निकालकर गंगा को साफ किया।
  • निरंतर अभियान: नगर निगम और नमामि गंगे की टीमें विभिन्न घाटों पर लगातार सफाई अभियान चला रही हैं ताकि नदी का स्वरूप सुधरा जा सके।

पर्यटकों के लिए खतरा बन सकती है जमा हुई गाद

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के समन्वयक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने अभियान की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण गंगा की सतह और तल में कई तरह की अशुद्धियाँ आ गई हैं, जो नदी को प्रदूषित कर रही हैं।

"बाढ़ के बाद घाटों पर भारी मात्रा में गाद जमा हो गई है। इसमें कई ऐसी चीजें शामिल हैं जो न केवल गंगा को प्रदूषित कर रही हैं, बल्कि घाटों पर आने वाले पर्यटकों के लिए भी सुरक्षा का खतरा पैदा कर सकती हैं।"

इसीलिए, घाटों के स्वरूप को बनाए रखने और नदी को स्वच्छ रखने के लिए यह निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। स्वयंसेवक स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को भी प्रेरित कर रहे हैं कि वे गंगा में कचरा न फेंकें।

पितृ पक्ष: स्वच्छता के माध्यम से पूर्वजों को नमन

इस स्वच्छता अभियान को पितृ पक्ष के पावन अवसर से भी जोड़ा गया है। स्वयंसेवकों ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान

Share:

Comments

Leave a comment