तेलंगाना विधानसभा सत्र में बाधा डालने पर सीएम रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर साधा निशाना

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को विधानसभा सत्र में बाधा डालने के लिए बीआरएस की कड़ी आलोचना की। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सत्र को ठप करने की साजिश रची थी, क्योंकि उन्हें डर था कि भूमि मुद्दों पर बहस के दौरान उनके कारनामे सामने आ जाएंगे। 22 ए प्रतिबंधित सूची पर बहस के दौरान सीएम ने बीआरएस पर सदन में हंगामा करने का आरोप लगाया।
बीआरएस विधायकों का निलंबन और विरोध
सत्र के दौरान बीआरएस विधायकों ने पुलिस के साथ गाली-गलौज की और अर्ध-नग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद स्पीकर ने उन्हें निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकार ने सदन की कार्यवाही के संचालन के लिए नियम बनाए थे, और स्पीकर ने उन्हीं नियमों के अनुसार निर्देश जारी किए थे। सीएम ने महिलाओं के आत्म-सम्मान की रक्षा करने और एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया।
जमीन घोटाले और केसीआर पर आरोप
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर राज्य की संपत्ति लूटने का आरोप लगाया। चर्चा के दौरान जुबली हिल्स के विधायक नवीन यादव ने कहा कि अदालत का स्थगन आदेश होने के बावजूद सरकारी भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया और 150 एकड़ फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर बेचे गए। निलंबन का यह फैसला बीआरएस विधायकों द्वारा सदन में हंगामा करने और नारे लगाने के बाद आया।