'मोदी-शाह चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रहे हैं', अमित शाह पर कांग्रेस का तीखा हमला
कांग्रेस ने अमित शाह के 2030 वाले दावे पर पलटवार किया और RTI के जरिए चुनाव आयोग पर सरकार के हस्तक्षेप का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस दावे पर कड़ा प्रहार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस 2030 तक भी चुनाव नहीं जीत पाएगी। वेणुगोपाल ने न केवल इस भविष्यवाणी को निराधार बताया, बल्कि सरकार पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता को प्रभावित करने का गंभीर आरोप भी लगाया।
अमित शाह के दावे को बताया 'बेबुनियाद आत्मविश्वास'
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने अमित शाह के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल एक बेबुनियाद आत्मविश्वास है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार को लगता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या भविष्य के चुनाव आयुक्त उनके राजनीतिक लाभ के लिए काम करेंगे? वेणुगोपाल ने कहा, "यह नहीं होने वाला है। भारत और देश की जनता इसकी अनुमति बिल्कुल नहीं देगी।"
उन्होंने प्रधानमंत्री के पिछले बयानों की भी याद दिलाई, जिसमें उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया था। वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के हालिया बयान यह दर्शाते हैं कि वे 'INDIA' गठबंधन की बढ़ती ताकत और जनता के मूड से डरे हुए हैं।
RTI से हुआ बड़ा खुलासा: सरकार के हस्तक्षेप का आरोप
कांग्रेस नेता ने एक महत्वपूर्ण आरटीआई (RTI) खुलासे का जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। वेणुगोपाल के अनुसार, आरटीआई से प्राप्त जानकारी चुनाव आयोग की गतिविधियों में सरकार के हस्तक्षेप की ओर इशारा करती है।
"जब भी चुनाव आयोग ने कैबिनेट सचिव को कोई पत्र भेजा, तो उसे इस टिप्पणी के साथ वापस कर दिया गया कि 'इस पर कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है।' इसका मतलब है कि मामला प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जानकारी में था। मोदी और शाह मुख्य चुनाव आयुक्त के पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।"
कांग्रेस के आरोपों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- कैबिनेट सचिव के नोट ने चुनाव संबंधी मामलों में सरकार की जानकारी की पुष्टि की है।
- चुनाव आयोग की गतिविधियों में कार्यपालिका का हस्तक्षेप बढ़ रहा है।
- चुनावों की पारदर्शिता को प्रभावित करने के लिए नौकरशाही का इस्तेमाल किया जा रहा है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में महा-rally की तैयारी
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। वेणुगोपाल ने बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'INDIA' गठबंधन की एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, कांग्रेस ने चुनावी विसंगतियों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है।
क्या था अमित शाह का बयान?
यह पूरा विवाद अमित शाह के उस बयान के बाद शुरू हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस अपनी "नकारात्मक राजनीति" के कारण 2030 तक भी चुनाव नहीं जीत पाएगी। शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे "वोट चोरी" की बात केवल घुसपैठियों के वोट बैंक को बचाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस केवल हारने पर ही लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है।