जमुई कांड पर सियासी घमासान: कांग्रेस ने बिहार सरकार को घेरा, पूछा- 'कैसा है ये शासन?'

बिहार के जमुई में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो, जिसमें कुछ युवकों द्वारा एक किशोरी और उसके साथी को परेशान करते देखा जा रहा है, ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही हमलावर रुख अपनाए हुए हैं।
उदित राज का तीखा हमला: 'जंगल राज' बनाम 'मंगल राज'
कांग्रेस नेता उदित राज ने इस घटना के माध्यम से बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जमुई की यह घटना राज्य में बिगड़ती स्थिति का जीता-जागता प्रमाण है। उदित राज ने सरकार की कार्यशैली पर तंज कसते हुए पुराने आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया।
"मुजफ्फरपुर में हॉस्टल में नाबालिगों के साथ जो हुआ या हॉस्टल में हुई हत्याएं, उन मामलों को दबा दिया गया। जमुई का मामला उनके सामने कुछ भी नहीं है। जब सामाजिक न्याय की ताकतें सत्ता में होती हैं, तो मीडिया उसे 'जंगल राज' कहता है, वरना यहाँ सब 'मंगल राज' है। बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।" — उदित राज
मनोज कुमार ने 'राम राज्य' के दावों पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने इस घटना को मानवता के लिए शर्मनाक और हृदयविदारक बताया। उन्होंने सरकार द्वारा किए जाने वाले दावों की धज्जियां उड़ाते हुए सीधा सवाल पूछा।
मनोज कुमार ने कहा:
- राम राज्य पर तंज: उन्होंने उन नेताओं को घेरा जो मंच से 'राम राज्य' होने का दावा करते हैं। उन्होंने पूछा कि यदि यह घटना उसी क्षेत्र में हुई है जहाँ राम राज्य का दावा किया जा रहा था, तो यह कैसा शासन है?
- इस्तीफे पर सवाल: उन्होंने मुख्यमंत्री के उस पुराने बयान की याद दिलाई जिसमें उन्होंने ऐसी घटना होने पर पद छोड़ने की बात कही थी। उन्होंने पूछा कि अब इस पर सरकार का क्या कहना है?
भाजपा ने की फास्ट-ट्रैक ट्रायल की मांग
जहाँ एक ओर कांग्रेस हमलावर है, वहीं भाजपा नेता सुशील कुमार सिंह ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे बिहार के लिए बेहद शर्मनाक बताया और दोषियों के खिलाफ त्वरित न्याय की मांग की।
अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना जरूरी
सुशील कुमार सिंह ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे समाज में एक कड़ा संदेश जाए। उन्होंने निम्नलिखित मांगें रखीं:
- मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए।
- दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए ताकि समाज में एक संदेश जाए।
- कानून ऐसा होना चाहिए कि अपराधी थर-थर कांपें और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करें।
क्या है पुलिस का पक्ष?
इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन भी अपनी सफाई दे रहा है। एडीजी (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला 19 सितंबर का है।
पुलिस के अनुसार:
- एक नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ जमुई में फोटो खिंचवाने गई थी।
- इसी दौरान कुछ युवकों ने उनके साथ छेड़छाड़ की।
- सूचना मिलते ही पुलिस ने पीड़िता के घर जाकर उसका बयान दर्ज कर लिया है।
- पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां भी की हैं।