तेलंगाना में सियासी संग्राम: कांग्रेस का KTR पर पलटवार, लगाया राज्य को कर्ज में डुबोने का आरोप

तेलंगाना की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने बीआरएस (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (KTR) के आरोपों का करारा जवाब दिया है। रेड्डी ने दावा किया है कि तेलंगाना के बिजली क्षेत्र और राज्य की वित्तीय स्थिति में जो भी चुनौतियां हैं, उनके लिए पिछली बीआरएस सरकार ही सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
सिंगरेनी की बदहाली और खदानों का मुद्दा
कांग्रेस सांसद ने सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बीआरएस के शासनकाल में इस संस्थान की हालत काफी खराब हो गई। उन्होंने निम्नलिखित आरोप लगाए:
- खदानों का संकट: 2014 से 2023 के बीच बीआरएस सरकार ने सिंगरेनी के लिए एक भी नई खदान शुरू नहीं की।
- बंद होती खदानें: इस दौरान लगभग 18 खदानें बंद हो चुकी हैं क्योंकि उनका अयस्क भंडार (ore reserves) पूरी तरह समाप्त हो गया है।
- निजीकरण का आरोप: रेड्डी ने आरोप लगाया कि जिन खदानों को सिंगरेनी को दिया जाना चाहिए था, उन्हें बीआरएस सरकार ने अपने रिश्तेदारों और निजी खिलाड़ियों को नीलाम कर दिया।
कर्ज का पहाड़ और बिजली कंपनियों का संकट
राज्य की आर्थिक स्थिति पर हमला बोलते हुए सांसद ने कहा कि बीआरएस सरकार ने केवल अपने परिवार, दोस्तों और राजनीतिक सहयोगियों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया, न कि तेलंगाना की जनता के लिए। उन्होंने वित्तीय संकट का विवरण देते हुए कहा:
"सिंगरेनी ने बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) का लगभग 35,000 करोड़ रुपये का कर्ज जमा कर दिया है। इसके चलते सभी डिस्कॉम दिवालिया होने की कगार पर हैं। बीआरएस के शासन के कारण तेलंगाना राज्य पर 8 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज चढ़ गया है।"
जुराला प्रोजेक्ट और पानी के संकट पर विवाद
यह पूरा विवाद तब गरमाया जब सोमवार को के.टी. रामा राव (KTR) ने कांग्रेस सरकार द्वारा जुराला प्रोजेक्ट के प्रबंधन में बरती जा रही कथित लापरवाही की आलोचना की थी। KTR के अनुसार:
- जुराला जलाशय में लगभग 8.4 से 9 TMC पानी उपलब्ध था।
- राज्य सरकार ने इस पानी को खेतों की सिंचाई के लिए छोड़ने से इनकार कर दिया।
- इस निर्णय के कारण किसानों के खेत सूख रहे हैं और फसलों को नुकसान हो रहा है।
कांग्रेस का दावा: रुके हुए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू
इन आरोपों के जवाब में किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस सरकार उन बिजली परियोजनाओं को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रही है जो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के मामलों के कारण रुकी हुई थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार राज्य के विकास और बिजली क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने के लिए पूरी तरह समर्पित है।