'ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा चाहिए': कांग्रेस ने भरी हुंकार

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा देने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि INDIA bloc का एजेंडा अब भी वही है और वे इस मांग को लेकर किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
"यह पूरे देश की मांग है"
पवन खेड़ा ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कड़े शब्दों में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का पद अब उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, "एजेंडा नहीं बदला है; एजेंडा वही है—ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा, और यह होगा। यह सिर्फ INDIA bloc की मांग नहीं है, बल्कि पूरे देश की मांग है।"
खेड़ा ने आगे चेतावनी दी कि INDIA bloc देश की इस मांग को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि जहां भी उन्हें रोका जाएगा, वहां विरोध प्रदर्शन और तेज होगा।
विरोध करने से रोकने का आरोप
कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने सरकार पर दमनकारी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी चुनाव आयोग का दौरा करना चाहती थी, लेकिन उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी गई।
- बुधवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को भी प्रशासन ने अनुमति नहीं दी।
- हुड्डा ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग जनता की आवाज को कुचलना चाहते हैं।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मांग पूरी नहीं होती।
लोकतंत्र बचाने के लिए "करो या मरो" की लड़ाई
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र के अस्तित्व से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि INDIA bloc मतदाताओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एक "करो या मरो" की लड़ाई लड़ रहा है।
"कौन अराजकता फैला रहा है? भाजपा, अमित शाह, मोदी और ज्ञानेश कुमार भारतीय लोकतंत्र में अराजकता पैदा कर रहे हैं। वे भारतीय लोकतंत्र के विनाशक हैं। हम यहां लोकतंत्र की रक्षा के लिए हैं।"
वेणुगोपाल ने आगे कहा कि INDIA bloc का एकमात्र और सरल लक्ष्य देश के आम नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व लोकतंत्र को नष्ट करने का प्रयास कर रहा है, जिसके खिलाफ विपक्ष मजबूती से खड़ा है।
बता दें कि गुरुवार को कांग्रेस और INDIA bloc के सांसदों की लगातार दूसरी लंच मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के अगले चरणों और रणनीति पर गहन चर्चा की गई।