वोट चोरी का मुद्दा: किशनगंज में कांग्रेस का हल्ला बोल, CEC के इस्तीफे की मांग!

किशनगंज में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी का मुद्दा और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। अंबेडकर टाउन हॉल के पास आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
मतदाता सूची में धांधली का गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसमें नामों का विलोपन, संशोधन और नए नामों को जोड़ने की प्रक्रिया संदिग्ध है। कांग्रेस ने मांग की है कि इन सभी कथित अनियमितताओं और वोट चोरी से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराई जानी चाहिए ताकि चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे।
राहुल गांधी के आह्वान पर उतरा प्रदर्शनकारियों का हुजूम
किशनगंज सदर विधायक कमरुल हुदा ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन राहुल गांधी के आह्वान पर देशभर में आयोजित किया जा रहा है। विधायक ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और स्वतंत्रता को बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपना इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कांग्रेस इस आंदोलन को और भी व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगी।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जिलाधिकारी-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
- मतदाता सूची की स्वतंत्र समीक्षा: सूची में हो रही गड़बड़ियों को रोकने के लिए निष्पक्ष जांच की जाए।
- मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा: पात्र मतदाताओं के नाम सूची से न हटाए जाएं।
- शिकायतों का त्वरित समाधान: निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध और तथ्याधारित निराकरण सुनिश्चित हो।
गौरतलब है कि ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में अपना कार्यभार संभाला था।