खड़गे पर भाजपा का विरोध 'दोहरा मापदंड', दलित सम्मान पर चुप्पी क्यों?
सुपौल में कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खड़गे पर भाजपा के विरोध को दोहरा मापदंड बताया और दलित सम्मान के मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।

सुपौल: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर खड़गे पर भाजपा का विरोध लेकर सुपौल में सियासी संग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस ने भाजपा के इस रुख को 'दोहरा मापदंड' करार देते हुए तीखा हमला बोला है। जहाँ एक ओर भाजपा ने प्रधानमंत्री के अपमान का मुद्दा उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी शहर के आंबेडकर चौक पर प्रधानमंत्री का सांकेतिक पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
दलित सम्मान और सामाजिक समानता पर उठे सवाल
जिला कांग्रेस कमेटी, सुपौल के अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और दलित समाज से आते हैं। अनुपम ने खड़गे की सभा के बाद कथित तौर पर किए गए 'शुद्धिकरण' की घटना का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या यह व्यवहार जातिगत पहचान के आधार पर किया गया था? उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है, तो यह सामाजिक समानता, संवैधानिक मूल्यों और मानवीय गरिमा से जुड़ा एक गंभीर सवाल है।
अनुपम ने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल पर कई बार सवाल उठे हैं। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणियों का भी जिक्र किया। इसके अलावा, उन्होंने एलन मस्क से जुड़े एक प्रसंग का हवाला देते हुए पूछा कि भाजपा नेताओं ने उस मामले पर वैसी मुखर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई, जैसी खड़गे के बयान पर दिखाई जा रही है?
"शाह और शहंशाह सत्ता के अहंकार से बाहर निकलें और जनता के सवालों का जवाब देना सीखें। लोकतंत्र में कुर्सी स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता की ताकत सर्वोपरि होती है।"
महंगाई और बेरोजगारी पर जवाब मांगे कांग्रेस नेता
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के विभिन्न नेताओं ने भी भाजपा की नीतियों और आचरण पर प्रहार किया। नेताओं ने कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार प्रतिक्रिया देती है।
विभिन्न नेताओं ने साधा निशाना
- राजेश कच्छप: झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा कि भाजपा केवल एक मुहावरे को लेकर प्रधानमंत्री के अपमान का आरोप लगा रही है और पुतला दहन कर रही है।
- डॉ. विश्वनाथ सराफ: वरिष्ठ नेता ने कहा कि राजनीतिक आलोचना और व्यक्तिगत अपमान के बीच का अंतर समझना बहुत जरूरी है।
- शाहिद खान: सुपौल प्रखंड प्रभारी ने कहा कि देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है।
- शत्रुघ्न प्रसाद चौधरी: उन्होंने कहा कि सत्ता के बल पर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि भाजपा के विरोध प्रदर्शनों से उनकी आवाज कमजोर नहीं होगी और वे जनता के बुनियादी मुद्दों के लिए लड़ते रहेंगे।