वाराणसी में जलभराव से हाहाकार: कांग्रेस का योगी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल!

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव के कारण स्थिति भयावह हो गई है, जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
सड़कों पर समंदर जैसा नजारा, आवाजाही ठप
प्रदर्शन के दौरान सिटी कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मयंक चौबे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जलभराव इतना अधिक है कि लोगों के लिए चलना भी दूभर हो गया है। चौबे ने कहा, "यह एक मुख्य सड़क है, फिर भी यहाँ चलने की जगह नहीं है। चौराहे पर स्थिति ऐसी है कि यह कहना मुश्किल है कि वाहन टकराएंगे या निकल पाएंगे। लोग काम पर जाने और बच्चे स्कूल जाने के बजाय वापस घर लौटने को मजबूर हैं।"
विकास के दावों पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने वाराणसी के विकास के नाम पर खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपयों की वैधता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनारस को 'क्योतो' बनाने और अन्य क्षेत्रों को 'स्पेन' बनाने जैसे दावे केवल कागजी और खोखले हैं।
"हजारों करोड़ रुपये खर्च करने की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन यह पैसा जा कहाँ रहा है? जब हम बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली और पानी तक ठीक से उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, तो इन बड़े दावों का क्या मतलब है?" मयंक चौबे ने सवाल किया।
यूपी के अन्य हिस्सों में भी बाढ़ का संकट
वाराणसी की स्थिति के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। राज्य के विभिन्न जिलों से चिंताजनक खबरें आ रही हैं:
- प्रयागराज: गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पानी का स्तर लेटे हुए हनुमान जी मंदिर के पास तक पहुँच गया है। स्थानीय निवासी संजय निषाद के अनुसार, पानी लगातार बढ़ रहा है, जिससे दुकानदारों को अपनी दुकानें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करनी पड़ रही हैं।
- मुरादाबाद: यहाँ रामगंगा नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के अनुसार, नदी का जलस्तर 189.81 मीटर तक पहुँच गया है और इसमें लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
प्रदेश के कई हिस्सों में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे प्रशासन और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है।