कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश कर रही सरकार: राजेश राम
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार पुलिस के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराने और आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने केंद्र सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई रैली के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह घबरा गए हैं। राजेश राम के अनुसार, सरकार अब पुलिस के माध्यम से कांग्रेस कार्यालयों पर दबाव बनाने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश कर रही है।
पुलिसिया कार्रवाई को बताया गैरकानूनी
राजेश राम ने रविवार को हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने बिहार कांग्रेस मुख्यालय में जो कुछ भी किया, वह पूरी तरह से गैरकानूनी था। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने आश्रम परिसर में रह रहे कार्यालय के कर्मचारियों के परिजनों के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन्हें डराया-धमकाया भी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने इस गैरकानूनी कार्रवाई के लिए विशेष रूप से उस दिन को चुना, जब बिहार कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेता और कार्यकर्ता दिल्ली में मौजूद थे।
आवाजों को दबाने की साजिश का आरोप
राजेश राम ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में जो आवाजें उठ रही हैं, उन्हें दबाने के लिए सरकार निचले स्तर पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार 'हिटलरशाही' पर उतर आई है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस तरह की धमकियों और पुलिसिया दबाव से डरने वाले नहीं हैं।
अब जनता की अदालत में होगी लड़ाई
राजेश राम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अब इस लड़ाई को केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रखेगी। उन्होंने कहा:
"अब लड़ाई अदालतों के भीतर और जनता के बीच लड़ी जाएगी। देश की सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत है, जहां भाजपा एक अभियुक्त की तरह खड़ी है।"
कांग्रेस के इस रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में बिहार और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर टकराव और तेज हो सकता है।