भाकपा माले का बड़ा ऐलान: अब गांव-गांव में मचेगा आंदोलन का शोर!
सुपौल के त्रिवेणीगंज में भाकपा माले की बैठक में 'वोट चोर, गद्दी छोड़ो' आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने का बड़ा निर्णय लिया गया है।

बिहार के सुपौल जिले से एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आ रही है। त्रिवेणीगंज स्थित विज्ञान कॉलेज में रविवार को भाकपा माले (CPI ML) कोशी जोन के दिग्गज नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी आंदोलनों को और अधिक आक्रामक बनाने का बड़ा संकल्प लिया है।
'वोट चोर, गद्दी छोड़ो' का शंखनाद
बैठक के दौरान पार्टी के नेताओं ने आगामी संघर्ष की रूपरेखा तैयार की। निर्णय लिया गया कि पार्टी अब अपने प्रमुख नारों के साथ जनता के बीच जाएगी। बैठक में विशेष रूप से दो बड़े आंदोलनों को तेज करने पर जोर दिया गया:
- ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’
- ‘ज्ञानेश कुमार को जेल भेजो’
पार्टी का लक्ष्य इन अभियानों को केवल शहरों तक सीमित न रखकर, गांव-गांव तक पहुँचाना है ताकि संगठन की जड़ें और गहरी हो सकें।
संस्थापक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत भावुक क्षणों के साथ हुई। बैठक में बिहार में भाकपा माले के संस्थापक स्वदेश भट्टाचार्य उर्फ शंभु जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। उनके महान योगदान को याद करते हुए सभी उपस्थित सदस्यों ने दिवंगत साथियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संगठन विस्तार पर दिया गया जोर
बैठक का पर्यवेक्षण कोशी जोन प्रभारी सह राज्य स्थायी समिति सदस्य बैजनाथ यादव ने किया, जबकि अध्यक्षता जिला सचिव जयनारायण यादव ने की। बैजनाथ यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी का असली हित जनता के हित में निहित है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव में बैठकें आयोजित करें और संगठन का विस्तार करें।
इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं ने भी अपने विचार रखे, जिनमें शामिल थे:
- सहरसा से: विक्की राम और कुंदन कुमार
- मधेपुरा से: योगेंद्र महतो और बलराम सिंह
- सुपौल से: कलाधर यादव, अरविंद कुमार शर्मा, अच्छेलाल मेहता, लालबहादुर यादव, जन्मजय राय, राजेश्वर यादव और सुरेश यादव।
नेताओं के इस एकजुट रुख से साफ है कि आने वाले समय में कोशी क्षेत्र में भाकपा माले अपने आंदोलनों के जरिए राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की पूरी तैयारी में है।