चक्रवात अर्नाब का बिहार में कहर: करवा चौथ पर चांद दिखना हुआ मुश्किल!

चक्रवात अर्नाब के कारण बिहार में भारी बारिश और बादलों का साया। करवा चौथ पर चांद दिखने में आ सकती है दिक्कत, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट।

Ghazala Saheb29 October 20262 min read0 viewsBihar
चक्रवात अर्नाब का बिहार में कहर: करवा चौथ पर चांद दिखना हुआ मुश्किल!

बंगाल की खाड़ी में पैदा हुआ चक्रवाती तूफान 'अर्नाब' अब बिहार के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। आंध्र प्रदेश और यनम तट से टकराने के बाद यह तूफान अब एक गहरे अवसाद (deep depression) में बदल चुका है, जिससे बिहार के मौसम में भारी उथल-पुथल मच गई है। इस मौसम के बदलाव का सबसे बड़ा असर त्योहारों पर पड़ रहा है। 29 अक्टूबर को मनाए जा रहे करवा चौथ के अवसर पर घने बादलों के कारण चांद के दर्शन होने में बड़ी बाधा आ सकती है।

करवा चौथ पर चांद का इंतजार और विशेषज्ञों की सलाह

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, करवा चौथ के दौरान चंद्रमा के निकलने का अनुमानित समय शाम 7:35 बजे से 7:50 बजे के बीच है। हालांकि, आसमान में छाए घने बादलों और हल्की बारिश के कारण चांद का दिखना संदिग्ध लग रहा है।

ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं की सुविधा के लिए विशेषज्ञों ने एक विशेष सलाह दी है। यदि वास्तविक चांद बादलों की ओट में छिपा रहता है और दिखाई नहीं देता है, तो महिलाएं चंद्रमा की प्रतीकात्मक तस्वीर या भगवान शिव की तस्वीर देखकर अपना व्रत पूरा कर सकती हैं।

बिहार के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बिहार के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। राज्य के 26 जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट है।

ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)

इन 6 जिलों में भारी बारिश की संभावना है:

  • भोजपुर
  • अरवल
  • औरंगाबाद
  • रोहतास
  • कैमूर
  • बक्सर

येलो अलर्ट (Yellow Alert)

20 अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण
  • गोपालगंज, सीवान और सारण
  • सीतामढ़ी, शिवहर और मुजफ्फरपुर
  • वैशाली, मधुबनी और दरभंगा
  • समस्तीपुर, बेगूसराय और पटना
  • जेहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा और लखीसराय
  • नवादा और गया

किसानों और आम जनता के लिए चेतावनी

मौसम विज्ञानी वीरेंद्र कुमार ने मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इस दौरान धान की कटाई और रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसान सतर्क रहें, क्योंकि तेज हवाओं और बारिश से फसल को नुकसान हो सकता है।

सामान्य तौर पर हवा की गति 35 किमी/घंटा तक रह सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकते हैं। इसके साथ ही राज्य में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की उम्मीद है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें और स्थानीय मौसम अपडेट पर नज़र रखें।

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