पीएम मोदी को डी राजा की खरी-खरी: 'सस्ती राजनीति छोड़ असली मुद्दों पर करें ध्यान'
सीपीआई नेता डी राजा ने पीएम मोदी को विपक्ष पर हमला करने के बजाय असली मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी और चीन के साथ कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के महासचिव डी राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री देश के सामने मौजूद वास्तविक मुद्दों को हल करने के बजाय विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाने में लगे हुए हैं। डी राजा ने विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रधानमंत्री की बयानबाजी की आलोचना की है।
चीन के साथ विवाद सुलझाने के लिए कूटनीति पर जोर
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के मुद्दे पर डी राजा ने एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कही है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश बातचीत और कूटनीति के माध्यम से अपने मतभेदों को सुलझा सकते हैं।
डी राजा ने कहा:
"भारत और चीन अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए संवाद जारी रखे हुए हैं। मुझे विश्वास है कि दोनों देश कूटनीति के माध्यम से विवादों को हल कर सकते हैं। दोनों पड़ोसी देश हैं और कई क्षेत्रों में उनके बीच सहयोग भी बढ़ रहा है। दोनों देशों में इतनी परिपक्वता और अनुभव है कि वे बातचीत से मसलों को सुलझा सकें।"
विपक्ष के खिलाफ 'सस्ती राजनीति' का आरोप
प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए डी राजा ने कहा कि पीएम मोदी को यह समझना चाहिए कि वे पूरे भारत के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सस्ती राजनीति और बयानबाजी करने के बजाय उन वास्तविक चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए जिनका सामना आज देश और दुनिया कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ध्यान विपक्ष, खासकर राहुल गांधी को निशाना बनाने पर अधिक रहता है, जो कि सही नहीं है।
अरुणाचल प्रदेश और चीन को लेकर कांग्रेस के गंभीर आरोप
डी राजा के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर चीन के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया है। जयराम रमेश ने सीमा पर बढ़ते तनाव और चीन की गतिविधियों को लेकर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता ने निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं:
- अरुणाचल प्रदेश में सीमा तनाव के मुद्दों पर प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की ओर से चुप्पी साधी गई है।
- चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की कोशिश की जा रही है।
- चीन द्वारा वहां 60,000 मेगावाट का बांध बनाया जा रहा है, जो भारत की पारिस्थितिक और जल सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
जयराम रमेश ने यह भी उल्लेख किया कि आईटीबीपी (ITBP) ने हाल के आमने-सामने के संघर्षों के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया है, लेकिन इस पूरे मामले पर सरकार का रवैया मौन बना हुआ है।