बिहार में 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' अभियान शुरू, घर-घर जाकर होगी स्वास्थ्य जांच

Akhand India Desk2 September 20262 min read7 viewsHealth
बिहार में 'जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार' अभियान शुरू, घर-घर जाकर होगी स्वास्थ्य जांच

अररिया 02 सितंबर (हि.स.): स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचाने की दिशा में अररिया जिले में पूर्व से संचालित जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार कार्यक्रम को अब राज्यव्यापी अभियान का रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा बुधवार को इस विशेष अभियान का राज्य स्तर पर शुभारंभ किया गया। इस अभियान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • बिहार के सभी जिलों में स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी।
  • आवश्यक जांच, निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श, उपचार एवं फॉलो-अप की सुविधा मिलेगी।
  • अभियान 02 सितंबर से 30 नवंबर तक तीन महीने की अवधि में संचालित होगा।
  • इसका मुख्य उद्देश्य गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना है।

किन बीमारियों की होगी जांच

अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमों द्वारा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, हृदय रोग, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज एवं क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज की जांच की जाएगी। जांच के बाद जरूरत के अनुसार उपचार और मरीजों का फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाएगा।

जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन

अभियान के राज्यव्यापी शुभारंभ के अवसर पर समाहरणालय के परमान सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें डीएम विनोद दूहन, जिला परिषद अध्यक्ष आफताब अजीम पप्पू, सिविल सर्जन अररिया सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ी।

अररिया मॉडल की सफलता

जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि इस कार्यक्रम की अवधारणा मार्च 2026 में तैयार की गई थी, जिसे अप्रैल 2026 में अररिया जिले में उतारा गया। जिले की प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक गांव और प्रत्येक घर तक स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर जांच की। लोगों के बेहतर फीडबैक को देखते हुए इसमें मोतियाबिंद की जांच और उपचार को भी शामिल किया गया।

अररिया जिले के आंकड़े

जिलाधिकारी ने बताया कि अररिया में अब तक 8,41,054 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उच्च रक्तचाप के 7,834 और मधुमेह के 6,363 मरीजों का उपचार शुरू हो चुका है। मुंह के कैंसर के 9,143, स्तन कैंसर के 1,206 तथा सर्वाइकल कैंसर के 120 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। एनीमिया के 1,042 मामले चिह्नित हुए हैं तथा मोतियाबिंद के 610 मामलों में 500 से अधिक का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है।

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