अखिलेश के दावों पर बरसे दानिश आज़ाद, बोले- 'सपा में बिकती थीं नौकरियां'

उत्तर प्रदेश में रोजगार के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। अंसारी ने अखिलेश यादव के दावों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए कहा कि रोजगार के मुद्दे पर सपा की टिप्पणी महज एक मजाक है।
'नीलामी' बनाम 'पारदर्शिता' की जंग
अखिलेश यादव द्वारा राज्य में रोजगार की स्थिति पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए दानिश आज़ाद अंसारी ने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार के दौरान सरकारी पदों की प्रभावी रूप से "नीलामी" की जाती थी।
मंत्री ने कहा, "सपा के शासनकाल में बिना रिश्वत दिए कोई भी सरकारी नौकरी हासिल करना नामुमकिन था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब व्यवस्था बदल चुकी है। वर्तमान सरकार पूरी तरह से पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया पर काम कर रही है।"
आंकड़ों के साथ सरकार का दावा
मंत्री दानिश आज़ाद ने सरकार के कामकाज का हवाला देते हुए बताया कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद से योगी सरकार ने 10 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि ये नियुक्तियां बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के की गई हैं।
सरकार के लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए उन्होंने निम्नलिखित मुख्य बातें साझा कीं:
- लक्ष्य 2026: सरकार का लक्ष्य 2026 तक 10 लाख सरकारी नौकरियां देने का है।
- वर्तमान स्थिति: मुख्यमंत्री ने हाल ही में संकेत दिया था कि लगभग 9.5 लाख नियुक्ति पत्र पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।
- आगामी योजना: अगले छह महीनों में 1 लाख से अधिक नई सरकारी नौकरियां सृजित करने की योजना है।
इसके अलावा, उन्होंने 'इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026' का भी जिक्र किया, जिसमें उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक रोजगार योग्य राज्य बताया गया है, जिसकी रोजगार क्षमता दर 78.6% है। मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि प्रदेश में बेरोजगारी दर, जो 2012-2017 के दौरान 19% थी, अब घटकर मात्र 2.4% रह गई है।
अखिलेश यादव के गंभीर आरोप
दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने इन आंकड़ों को सिरे से नकार दिया है। लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने भाजपा सरकार के रोजगार आंकड़ों को "झूठे आंकड़े" करार दिया। अखिलेश का आरोप है कि वास्तविक रोजगार सृजन केवल सरकारी विज्ञापनों तक ही सीमित है।
अखिलेश यादव ने 2019 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा उठाते हुए इसे "PDA आरक्षण घोटाला" करार दिया और सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया।
मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने इन सभी आरोपों को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी की हताशा और राजनीतिक पैंतरेबाजी करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी पिछली विफलताओं को छिपाने के लिए जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।