दरभंगा एयरपोर्ट पर खुलेगा पायलट ट्रेनिंग सेंटर, मिली बड़ी मंजूरी
दरभंगा एयरपोर्ट को फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन के लिए एनओसी मिल गई है। अब मिथिला के युवा यहीं से कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ले सकेंगे।

दरभंगा एयरपोर्ट पर पायलट ट्रेनिंग की सुविधा जल्द शुरू होने वाली है, जिससे मिथिला और उत्तर बिहार के युवाओं के लिए नए रास्ते खुलेंगे। दरभंगा एयरपोर्ट पर फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) की स्थापना के लिए रक्षा मंत्रालय और एयर हेडक्वार्टर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिल गया है।
मिथिला के युवाओं के लिए करियर के नए अवसर
इस नए फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर के शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में करियर बनाने के शानदार अवसर मिलेंगे। अब तक, इस क्षेत्र के छात्रों को कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों या दूर-दराज के इलाकों पर निर्भर रहना पड़ता था।
इस सुविधा के आने से निम्नलिखित लाभ होने की उम्मीद है:
- स्थानीय स्तर पर ट्रेनिंग: छात्रों को अब पायलट बनने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
- समय और लागत की बचत: दूर जाकर पढ़ाई करने के खर्च और समय में कमी आएगी।
- क्षेत्र का विकास: स्थानीय स्तर पर विमानन शिक्षा और प्रशिक्षण के नए अवसर पैदा होंगे।
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर के प्रयासों को मिली सफलता
दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर लंबे समय से इस परियोजना के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों और उच्च अधिकारियों के समक्ष लगातार फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन की मांग उठाई थी।
"यह मील का पत्थर मिथिला के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय स्तर पर विमानन शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास होगा।" - डॉ. गोपाल जी ठाकुर
आगे की प्रक्रिया और नियम
हालांकि एनओसी मिलना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अभी कुछ और नियामक और औपचारिक मंजूरियों की आवश्यकता है। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही ट्रेनिंग सेंटर को अंतिम रूप देकर शुरू किया जा सकेगा। इस विकास से दरभंगा एयरपोर्ट की क्षमता और महत्व में भी काफी वृद्धि होने की संभावना है।