ईंट-भट्ठा उद्योग की समस्या: राहत के लिए सांसद ने केंद्र को लिखा पत्र
दरभंगा सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने ईंट-भट्ठा उद्योग की समस्या को लेकर केंद्र को पत्र लिखा है। उन्होंने जीएसटी और ऋण राहत की मांग की है।

दरभंगा के लहेरियासराय स्थित संसदीय कार्यालय में शनिवार को ईंट-भट्ठा संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें ईंट-भट्ठा उद्योग की समस्या के समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने उद्योग संचालकों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
संचालकों की मुख्य मांगें और केंद्र से अपेक्षाएं
सांसद ने बताया कि जिला ईंट-भट्ठा संचालक संघ की ओर से उठाई गई मांगों को लेकर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप का आग्रह किया गया है। संचालकों ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर राहत मांगी है:
- ब्रिक्स क्लस्टर का विस्तार: ब्रिक्स क्लस्टर के दायरे को बढ़ाने की मांग की गई है।
- कॉमन फैसिलिटी सेंटर: दरभंगा में एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
- वित्तीय राहत: जीएसटी (GST) में राहत देने और उद्योग के लिए सस्ता ऋण उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
- नियामकीय प्रक्रियाएं: पर्यावरणीय स्वीकृति, मिट्टी खनन और अन्य नियामक प्रक्रियाओं में व्यावहारिक राहत देने की मांग की गई है।
उद्योग के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियां
बैठक में यह बात प्रमुखता से उठी कि वर्तमान में ईंट-भट्ठा उद्योग कई गंभीर संकटों से जूझ रहा है। बाढ़, जलजमाव और मौसमी बेरोजगारी के साथ-साथ उत्पादन लागत में हो रही निरंतर वृद्धि ने संचालकों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसके अतिरिक्त, वित्तीय कठिनाइयों के कारण भी इस क्षेत्र का संचालन करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र
सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर ने इस बात पर जोर दिया कि ईंट-भट्ठा उद्योग केवल एक व्यापारिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्थानीय रोजगार और निर्माण कार्यों का एक मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि यदि इन समस्याओं का समाधान हो जाता है, तो इससे न केवल उद्योग को संजीवनी मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस बैठक में जिला ईंट-भट्ठा संचालक संघ के अध्यक्ष जयराम दास, उपाध्यक्ष रजनीश रंजन, सचिव प्रो. एमए निशांत, एजाज हसन, संजय यादव, अशोक ठाकुर सहित दो दर्जन से अधिक संचालक उपस्थित थे।