बाढ़ राहत नहीं मिली तो भड़के समौरा के ग्रामीण, अंचल कार्यालय का किया घेराव

बिहार के दरभंगा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बाढ़ की विभीषिका झेलने के बाद भी राहत राशि न मिलने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। कुशेश्वरस्थान क्षेत्र के ईटहर पंचायत अंतर्गत समौरा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने मंगलवार को अंचल कार्यालय का घेराव कर बाढ़ राहत के लिए प्रदर्शन किया।
घरों में घुसा था पानी, फसलें भी हुई बर्बाद
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि इस वर्ष आई भीषण बाढ़ ने समौरा गांव में भारी तबाही मचाई थी। गांव चारों ओर से पानी से घिर गया था और बाढ़ का पानी कई घरों के भीतर तक घुस गया था। केवल घर ही नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत से उगाई गई धान की फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी आपदा झेलने के बावजूद, जब बाढ़ राहत के वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई, तो उनके गांव को सूची से ही बाहर रखा गया। इस लापरवाही के कारण प्रभावित परिवारों के सामने अब गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव ने इतनी बड़ी मुसीबत झेली है, तो उन्हें राहत से वंचित रखना समझ से परे है।
प्रशासन और कृषि अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी
अंचल कार्यालय पर पहुंचे ग्रामीणों ने अंचल प्रशासन और कृषि अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल थे, जो सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली से बेहद नाराज दिखे।
वार्ड सदस्या डेजी कुमारी और महंती देवी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर एक लिखित आवेदन भी अंचल कार्यालय में सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- गांव में बाढ़ से हुए नुकसान की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- सभी पात्र और प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
प्रदर्शन में ये लोग रहे शामिल
इस विरोध प्रदर्शन में सज्जन राय, लक्ष्मण सदा, पंकज सदा, बिजली सदा, जोगिंदर सदा, रामजतन सदा, रामपुकार साह, महेश कुमार, चंद्र किशोर साह, जोगी साह, राजीव साह और सुभाष साह सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।