दरभंगा: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मेधावी बेटियों का सम्मान

दरभंगा में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर दरभंगा बालिका दिवस सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। समाहरणालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित इस समारोह में उन मेधावी छात्र-छात्राओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से जिले का मान बढ़ाया है।
इस कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास निगम तथा समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समारोह का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी कौशल कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी चांदनी सिंह और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष अमन ने दीप प्रज्वलित कर किया।
डीएम ने दिया बालिका सशक्तीकरण का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि आज की बेटियां शिक्षा, खेलकूद और कला सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। उन्होंने समाज को प्रेरित करते हुए कहा कि:
- बालिकाओं को समान अवसर उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
- उन्हें एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
- बालिका सशक्तीकरण ही एक समृद्ध समाज की असली नींव है।
मेधावी छात्रों को मिला विशेष प्रोत्साहन
समारोह के दौरान बिहार बोर्ड की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शानदार सफलता प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसमें विज्ञान, कला एवं वाणिज्य संकाय में जिला स्तर पर शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र शामिल थे।
इसके साथ ही, खेल और कला के क्षेत्र में अपनी चमक बिखेरने वाले बच्चों और किलकारी बाल भवन केंद्र के प्रतिभागियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। उन्हें 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के लोगो वाले ट्रैक सूट और कप प्रदान किए गए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान किलकारी केंद्र के नन्हे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया और समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी चांदनी सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और बालिकाओं के कल्याण एवं उनकी सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन और वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन बालिकाओं को सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।