दरभंगा में विधान परिषद चुनाव को लेकर सख्ती: निषेधाज्ञा लागू, जानें क्या हैं नियम
दरभंगा में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन के लिए धारा 163 लागू। मतदान के दौरान वाहनों और मोबाइल पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।

बिहार में विधान परिषद के चुनाव को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। दरभंगा के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मतदान संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
मतदान का समय और सुरक्षा व्यवस्था
निर्वाचन कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। आगामी 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दौरान जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया गया है ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
वाहनों के परिचालन पर कड़े प्रतिबंध
मतदान के दिन यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी के आदेशानुसार:
- समय सीमा: 23 अक्टूबर को सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा।
- छूट प्राप्त सेवाएँ: एंबुलेंस, बिजली, दूध आपूर्ति, पानी के टैंकर और निर्वाचन कार्य में लगे वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
- प्रशासनिक वाहन: चुनाव ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और मतदान दल के वाहन भी बिना रोक-टोक चल सकेंगे।
- अभ्यर्थियों के लिए नियम: उम्मीदवारों को केवल उन्हीं वाहनों के उपयोग की अनुमति होगी जिनके पास निर्वाची पदाधिकारी से परमिट होगा। इन वाहनों में चालक सहित अधिकतम 5 लोग ही सवार हो सकते हैं, और इनका उपयोग मतदाताओं को लाने-ले जाने के लिए नहीं किया जा सकेगा।
- निजी वाहन और पार्किंग: आम नागरिक अपने निजी वाहनों का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन उन्हें मतदान केंद्र से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर वाहन खड़ा करना होगा।
मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक
मतदान प्रक्रिया की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मतदान केंद्र परिसर के भीतर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, निर्वाचन कार्य में तैनात कर्मियों को इस नियम से छूट दी गई है।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
"प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को बाधारहित और भयमुक्त बनाना है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए थाना प्रभारी, सेक्टर पदाधिकारी, जोनल और सुपर जोनल दंडाधिकारियों सहित कई उच्च अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को भी आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है ताकि आम जनता को इन नियमों की सही जानकारी मिल सके।