दरभंगा में मखाना उत्पादन, गुणवत्ता और निर्यात बढ़ाने पर जोर, समीक्षा बैठक आयोजित

Ghazala Saheb26 August 20262 min read38 viewsBihar
दरभंगा में मखाना उत्पादन, गुणवत्ता और निर्यात बढ़ाने पर जोर, समीक्षा बैठक आयोजित

दरभंगा में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर बुधवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव साकेत कुमार ने की। बैठक में जिलाधिकारी कौशल कुमार, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, मखाना उत्पादक और एक्सपोर्टर शामिल हुए।

मखाना उत्पादन और निर्यात की समीक्षा

बैठक में जिले में मखाना उत्पादन, गुणवत्ता, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात की स्थिति की समीक्षा की गई। संयुक्त सचिव ने उत्पादकों और एक्सपोर्टरों से निर्यात में आने वाली समस्याओं तथा गुणवत्ता संबंधी चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिक से अधिक मखाना उत्पादकों को जीआई टैग से जोड़ने और एपीडा के माध्यम से बिहार से मखाना निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप मखाना की गुणवत्ता, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। उत्पाद की अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

जिलाधिकारी के निर्देश और किसानों का प्रशिक्षण

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने एक्सपोर्टरों को गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा जीआई टैग के लिए अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मखाना विकास योजना के तहत उत्पादन क्षेत्र का विस्तार करने पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष जिले के 890 किसानों को योजना का लाभ मिला, जबकि मखाना अनुसंधान केंद्र द्वारा पिछले दो वर्षों में करीब पांच हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है।

कार्गो सुविधा और पैक हाउस की मांग

एक्सपोर्टरों ने दरभंगा एयरपोर्ट से कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने तथा मखाना के भंडारण, प्रसंस्करण और निर्यात के लिए पैक हाउस विकसित करने का सुझाव दिया। संयुक्त सचिव ने इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने और कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया। बैठक में कृषि उत्पादन, फसल विविधीकरण, सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य, उन्नत तकनीक, किसानों की आय बढ़ाने तथा विभिन्न योजनाओं के अभिसरण की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय से परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार कर किसानों को योजनाओं का समय पर लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया गया।

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