दरभंगा का ऐतिहासिक राष्ट्रीय विद्यालय बनेगा संरक्षित स्मारक, कवायद तेज!

दरभंगा के लालबाग में स्थित ऐतिहासिक राष्ट्रीय विद्यालय को अब राज्य संरक्षित स्मारक घोषित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय सांसद और लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर की सक्रिय पहल के बाद, जिला प्रशासन ने इस धरोहर के संरक्षण के लिए स्थल निरीक्षण और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई विस्तृत जांच
इस ऐतिहासिक स्थल को बचाने के लिए अब जमीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है। सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर द्वारा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, बिहार के मुख्यमंत्री और पुरातत्व विभाग को लिखे गए पत्रों के बाद बिहार सरकार के पुरातत्व निदेशालय ने इस पर निर्देश जारी किए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं:
- विद्यालय की भूमि के मौजा, खाता, खेसरा और रकबा का सटीक विवरण तैयार करना।
- संभावित अतिक्रमण की पहचान करना और उसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाना।
- भूमि का सीमांकन करना ताकि भविष्य में किसी भी विवाद से बचा जा सके।
एक बार जब जिला प्रशासन यह विस्तृत प्रतिवेदन पुरातत्व निदेशालय को भेज देगा, तो विद्यालय भवन को आधिकारिक रूप से संरक्षित स्मारक घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
स्वतंत्रता संग्राम और मिथिला की गौरवशाली विरासत
राष्ट्रीय विद्यालय केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्रता संग्राम की अनगिनत कहानियों का गवाह है। यह स्थल राष्ट्रसेवी स्वर्गीय कमलेश्वरी चरण सिन्हा जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों से गहराई से जुड़ा हुआ है।
"यह विद्यालय केवल दरभंगा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मिथिला की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय स्वाभिमान और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है।" — डॉ. गोपालजी ठाकुर
सांसद ने जोर देकर कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर का जीर्णोद्धार और संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों और बलिदानों से जोड़ने में एक सेतु का काम करेगा।
पर्यटन केंद्र के रूप में विकास की योजना
इस पहल का एक बड़ा उद्देश्य इस ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। संरक्षित स्मारक का दर्जा मिलने से यहाँ बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा, जिससे इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
डॉ. गोपालजी ठाकुर ने केवल राष्ट्रीय विद्यालय ही नहीं, बल्कि दरभंगा की अन्य सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की भी वकालत की है। उनकी प्राथमिकताओं में शामिल अन्य महत्वपूर्ण कार्य हैं:
- राजकिला का संरक्षण और विकास।
- शहर के तीनों ऐतिहासिक तालाबों को पर्यटन स्थल बनाना।
- मिथिला की प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन की यह प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है, ताकि मिथिला की इस अनमोल विरासत को नई पहचान मिल सके।