चोरी के 5 लाख रुपये वापस पाकर राजमिस्त्री के चेहरे पर लौटी मुस्कान

दरभंगा जिले के नेहरा थाना पुलिस ने एक राजमिस्त्री के लिए खुशियों की सौगात दी है। मेहनत की गाढ़ी कमाई, जो चोरी हो गई थी, वह अब सुबोध दास के पास सुरक्षित वापस आ गई है। बुधवार को न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने चोरी की पूरी राशि उन्हें सौंप दी, जिससे उनके और उनके परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
कैसे हुई थी चोरी की घटना?
यह पूरी घटना 25 सितंबर की है। अमैठी पंचायत के नमती गांव के निवासी राजमिस्त्री सुबोध दास सकरी चीनी मिल स्थित एसबीआई शाखा से पांच लाख रुपये निकालकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नेहरा लुल्हवा चौक के पास उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़ी की। जैसे ही वे कुछ देर के लिए रुके, बैंक से ही उनका पीछा कर रहे चोरों ने मौका पाकर मोटरसाइकिल की डिक्की से पांच लाख रुपये निकाल लिए और मौके से फरार हो गए।
महज 4 दिनों में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
चोरी की इस वारदात के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी। नेहरा थाना पुलिस ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर तेजी से कार्रवाई की। पुलिस की मुस्तैदी का ही परिणाम था कि महज चार दिनों के भीतर इस चोरी की घटना का पूरी तरह से उद्भेदन कर लिया गया।
कहाँ से हुई बरामदगी?
पुलिस की जांच में पता चला कि चोरी की गई पूरी राशि कोढ़ा थाना क्षेत्र के जुरावगंज निवासी प्रभु यादव के पुत्र ऋतिक कुमार के घर से बरामद की गई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से चोरों तक पहुँचने में सफलता हासिल की।
न्यायालय के आदेश पर मिली राशि
न्यायालय के आदेश के बाद, बुधवार को नेहरा थानाध्यक्ष मोती कुमार ने थाना परिसर में ही सुबोध दास को उनकी चोरी हुई पांच लाख रुपये की राशि हस्तगत कराई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर सुबोध दास और उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पुलिस ने न केवल राशि वापस दिलाई, बल्कि सुबोध दास को पुलिस सुरक्षा में उनके घर तक भी पहुंचाया। इस त्वरित कार्रवाई और सफलता के लिए सुबोध दास और उनके परिवार ने नेहरा थाना पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।