दिल्ली-पटना फ्लाइट का किराया ₹20,000 के पार, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

दिल्ली से पटना के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इस त्योहारी सीजन में बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। मांग में अचानक आई तेजी के कारण दिल्ली-पटना हवाई मार्ग पर फ्लाइट का किराया ₹20,000 के स्तर को पार कर गया है। यह कीमत सामान्य दिनों में मिलने वाले किराए की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है, जिससे यात्रियों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।
क्यों आसमान छू रहे हैं हवाई किराए?
हवाई किरायों में इस भारी उछाल के पीछे कई जटिल कारण बताए जा रहे हैं। सबसे प्रमुख कारण त्योहारी सीजन के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग और विमानों की सीमित आपूर्ति के बीच का असंतुलन है। इसके साथ ही, नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा मार्च 2026 में घरेलू उड़ानों पर लगाए गए अस्थायी किराया कैप (सीमा) को हटाने के फैसले ने भी एयरलाइंस को अपनी कीमतें बाजार की मांग के अनुसार तय करने की पूरी छूट दे दी है।
विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने इस बढ़ती लागत पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। चूंकि किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च का लगभग 40-43% हिस्सा केवल ईंधन पर खर्च होता है, इसलिए ईंधन की कीमतों में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी सीधे तौर पर यात्री टिकटों के दामों में दिखाई देती है।
सुप्रीम कोर्ट ने बताया 'शोषणकारी'
महंगे हवाई किरायों का यह मुद्दा अब कानूनी गलियारों में भी गूँज रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में त्योहारी सीजन के दौरान लगने वाले अत्यधिक किरायों को "शोषणकारी" करार दिया था। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AERA) से जवाब मांगा है। एक जनहित याचिका के माध्यम से कीमतों के उचित नियमन के लिए नए दिशा-निर्देश