छठ से पहले खुशखबरी! दिल्ली से बिहार के लिए चलेंगी 50 लग्जरी एसी बसें
छठ पूजा पर बिहार जाने वालों के लिए बड़ी खबर! दिल्ली सरकार 50 लग्जरी एसी बसें चलाने की तैयारी में है। पटना, गया और भागलपुर के लिए सफर होगा आसान।

दिल्ली में रहने वाले बिहार के लोगों के लिए छठ महापर्व से पहले एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दिल्ली परिवहन विभाग ने दिल्ली से बिहार के बीच यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाने के लिए 50 से अधिक लग्जरी एयर-कंडीशनर (AC) बसों के बेड़े को शुरू करने का एक बड़ा प्रस्ताव तैयार किया है। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए उपराज्यपाल टी.एस.andhu से अंतिम मंजूरी मांगी गई है।
छठ पर्व पर यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
छठ पूजा के दौरान दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होती है, जिससे अक्सर परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। इसी भीड़ और यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने यह रणनीतिक कदम उठाया है। लक्ष्य यह है कि इन बसों को छठ के त्योहार से पहले ही परिचालन में लाया जाए, ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान होने वाली असुविधा से बचाया जा सके।
इन प्रमुख शहरों को जोड़ेगी बस सेवा
प्रस्तावित बस सेवा दिल्ली को बिहार के कई महत्वपूर्ण शहरों से सीधे जोड़ेगी। इस योजना के तहत बसें बिहार के निम्नलिखित प्रमुख गंतव्यों के लिए चलाई जाएंगी:
- पटना
- गया
- मुजफ्फरपुर
- दरभंगा
- पूर्णिया
- भागलपुर
लग्जरी सुविधाओं से लैस होगा सफर
ये बसें यात्रियों को एक प्रीमियम अनुभव देने के लिए डिजाइन की गई हैं। लंबी दूरी की यात्रा को देखते हुए वोल्वो (Volvo) मॉडल पर विचार किया जा रहा है, जो BS-VI मानकों के अनुरूप होंगी। इन बसों में आधुनिक सुविधाओं का पूरा पैकेज होगा, जिसमें शामिल हैं:
- आरामदायक सीटें: यात्रियों के लिए एर्गोनोमिक पुशबैक सीटें।
- सुरक्षा व्यवस्था: सीसीटीवी (CCTV) निगरानी और जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम।
- आधुनिक तकनीक: मोबाइल चार्जिंग पोर्ट और 12-मीटर फ्रेम वाली बसें।
कैसे होगा बसों का संचालन?
दिल्ली सरकार इन बसों के प्रबंधन के लिए 'वेट-लीज' (wet-lease) व्यवस्था का उपयोग करने की योजना बना रही है। इस मॉडल के तहत एक निजी रियायतग्राही (private concessionaire) के साथ मिलकर इन बसों का संचालन किया जाएगा।
हालांकि, इस योजना का तात्कालिक उद्देश्य त्योहारों के दौरान होने वाली भीड़ को नियंत्रित करना है, लेकिन सरकार की दीर्घकालिक योजना इन रूटों को साल भर चलने वाली एक स्थायी परिवहन व्यवस्था के रूप में विकसित करने की है। इससे पहले भी दोनों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 18 रूटों की पहचान की गई थी, ताकि यात्रियों को निरंतर बेहतर विकल्प मिल सकें।