बिहार में डिजिटल उर्वरक बिक्री व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता: कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना में कहा कि किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक समय पर उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उर्वरक की उपलब्धता, वितरण और बिक्री में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। कृषि विभाग द्वारा उर्वरक बिक्री व्यवस्था को डिजिटल और किसान-केंद्रित बनाने की पहल की जा रही है।
डिजिटल व्यवस्था और क्यूआर कोड प्रक्रिया
फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल एप्लीकेशन सिस्टम (एफएसएएस), शाईएफएमएस और एग्रीस्टेक के एकीकरण से खरीद-बिक्री को सुव्यवस्थित किया गया है। फार्मर रजिस्ट्री में उपलब्ध भूमि जानकारी और फार्मर आईडी के माध्यम से विवरण प्राप्त होगा। अन्य किसान एफएसएएस पर पंजीकरण कर खेत का खाता, खेसरा संख्या, क्षेत्रफल और फसल का विवरण देकर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। आईसीएआर की अनुशंसाओं के अनुसार जरूरत की गणना कर किसान को तीन दिन के लिए वैध क्यूआर कोड दिया जाएगा, जिससे अधिकृत विक्रेता से भुगतान कर उर्वरक खरीदा जा सकेगा।
लागू होने की तिथि और निगरानी
1 सितंबर से 19 जिलों में तथा 2 अक्टूबर से पूरे बिहार में डिजिटल उर्वरक बिक्री व्यवस्था लागू होगी। इससे उर्वरक की बिक्री और वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्टॉक और वितरण की बेहतर निगरानी संभव होगी। कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि तकनीक का उपयोग किसान की सुविधा के लिए होना चाहिए न कि कठिनाई बढ़ाने के लिए, और जिला पदाधिकारी इसकी व्यक्तिगत निगरानी करें।